बालोद- महासमुंद के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार मामले की जांच को लेकर सरकार के खिलाफ अनशन करने के बाद उसी अधिकारी पर कार्रवाई के मामले में अधिकारी की सुरक्षा एवं निष्पक्ष जांच की मांग लेकर बालोद जिला महिला मोर्चा द्वारा महामहिम राज्यपाल के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया. महिला मोर्चा ने कहा कि ढाई वर्ष के कांग्रेस के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की नई इबारत प्रदेश में लिखी जा रही है और आवाज उठाने वालों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है महिला मोर्चा द्वारा निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की जा रही है।बालोद भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने कहा कि यहां पर जब से कांग्रेस की सरकार आई है तब से भ्रष्टाचार के मामले में इजाफा हुआ है और यहां की सरकार मामले को दबाने में जुटी हुई है बड़े-बड़े मंत्रियों पर किसी तरह की गाज़ ना गिरे इसके लिए छोटे छोटे लोगों को निशाना बनाया जा रहा है 15 वर्ष का इतिहास खोल कर देखा जा सकता है कि डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में इस तरह की कोई भी घटना नहीं हुई है यहां पर तो महिलाओं के अधिकार के लिए कार्य करने वाले विभाग हीं भ्रष्टाचार में लिप्त है।
भारतीय जनता महिला मोर्चा की अध्यक्ष दीपा साहू ने कहा कि प्रदेश के महासमुंद जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं रेडी टू ईट सामग्री बनाने के मामले में ही 30 लाख के आसपास का भ्रष्टाचार हुआ है और जब इस विषय पर एक अधिकारी ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई तो उल्टा उसके खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है उस अधिकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए क्योंकि यह कांग्रेस की सरकार है और इस सरकार में अपनी साख बचाने कब किसके ऊपर क्या कर दिया जाए समझ से परे है उन्होंने कहा कि यहां पर और भी सैकड़ों मामले हैं जिसमें भ्रष्टाचार हुआ है हम सब महिला मोर्चा की बहनें चाहते हैं कि संवेदनशील विभाग में महिलाओं के प्रति सही से कार्य हो हर महिला को उसका अधिकार मिले और शासन की योजनाओं में गड़बड़ी ना हो इस दौरान मंडल अध्यक्ष प्रेम साहू, जनपद अध्यक्ष प्रेमलता साहू, ज़िला पंचायत सदस्य कीर्तिका साहू, प्रदेश पिछड़ा वर्ग सदस्य खिलेश्वरी साहू पूर्व जनपद सदस्य रश्मि साहू, सतानंद साहू, विकास साहू सहित अन्य मौजूद रहे।
इन बिंदुओं पर सौंपा ज्ञापन
- अधिकारी श्री बोदले को पर्याप्त सरक्षा दी जाय।
2.खरीदी प्रक्रिया आवंटन आदि भ्रष्ट्राचार के तमाम मामले की उच्च न्यायालय के
पूर्व न्यायाधीश से मामले की जांच कराई जाए
3.संबंधित विभाग के मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग अनिला भेड़िया को बर्खास्त किया जाए
4.तमाम लाभार्थियों को सीधा भुगतान किया जाए ताकि बीच में कोई भी दलाली ना कर सके
5.महासमुंद के इस मामले के संवाद तमाम पत्राचार संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं
