रायपुर/बालोद।
कोविड-19 जाँच रिपोर्ट में विलंब की दशा में लक्षणात्मक व्यक्तियों के उपचार के संबंध में दिशानिर्देश जारी हुए हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा कोविड-19 जाँच रिपोर्ट में विलंब की दशा में लक्षणात्मक व्यक्तियों के उपचार के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग श्रीमती रेणु जी. पिल्ले के द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण छत्तीसगढ़ द्वारा सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाताओं
और सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर कोविड-19 जाँच रिपोर्ट में विलंब की दशा में लक्षणात्मक व्यक्तियों के उपचार के संबंध में दिशानिर्देश जारी किये हैं। जारी दिशानिर्देश में उल्लेखित है कि राज्य में कोविड-19 की संक्रमण की दर बढ़ी हुई है। अतः कोविड-19 के लक्षणात्मक व्यक्तियों की कोविड जाँच रिपोर्ट विलम्ब से प्राप्त होने की दशा में कोविड रोग की रोकथाम हेतु राज्य स्तरीय ट्रीटमेंट समिति द्वारा प्रस्तावित आइवरमेकटिन, डाकसीसाइक्लिन, पैरासिटामोल, विटामिन सी, जिंक टेबलेट दवाईयाँ संबंधित व्यक्ति को तत्काल उपलब्ध करायी जाये तथा दवाओं के उपयोग के सम्बंध में जानकारी दी जाए। साथ ही सम्बंधित व्यक्ति प्रतिदिन 3 से 4 लीटर गुनगुना पानी पिये, दिन में तीन बार भाप लें, आठ घण्टें सोयें, 45 मिनट व्यायाम करें, या टहलें, आक्सीजन सेचुरेशन की स्थिति को मॉनिटर करें तथा 94 प्रतिशत से कम आक्सीजन सेचुरेशन की स्थिति या सांस लेने में तकलीफ होने की स्थिति में डॉक्टर को सूचित करें, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिये इलाज का नया प्रोटोकॉल जारी किया है। जांच के लिये नमूना देने के बाद और रिपोर्ट आने से पहले लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों को पांच दवाएं लेने की सलाह दी जा रही है। इसमें आइवरमेकटिन, डाक्सीसाइक्लिन, पैरासिटामॉल, विटामिन-सी और जिंक की गोलियां शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्लै ने गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के सभी अधिष्ठाता और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को यह प्रोटोकॉल भेजा। यह प्रोटोकॉल राज्य स्तरीय ट्रीटमेंट कमेटी ने तय किया है।
इसतरह लेनी है दवाई
इसके मुताबिक जांच के लिये नमूना देने के बाद रिपोर्ट आने में विलंब हो रहा है। ऐसी दशा में लक्षण वाले मरीजों काे इलाज तत्काल उपलब्ध कराना है। जब तक कोरोना की पुष्टि नहीं हो जाती तब तक के लिये कमेटी ने आइवरमेकटिन को दिन भर में एक गोली भोजन के बाद पांच दिनों तक, डाक्सीसाइक्लिन की एक-एक गोली सुबह-शाम सात दिनों तक, पैरासिटामोल एक-एक गोली चार बार तीन दिनों तक, तीन दिन के बाद बुखार और बदन दर्द होने पर पैरासिटामॉल दिया जा सकता है। विटामिन सी की एक-एक गोली भोजन के बाद 10 दिनों तक और जिंक टेबलेट की एक गोली रोज 10 दिनों तक खाने को कहा है। यह दवाएं सरकार को उपलब्ध कराना है।
एंटी पैरासाइट और एंटी बॉयोटिक दवाएं
डॉक्टरों ने बताया, आइवरमेकटिन एक एंटी पैरासाइट है। यह परजीवियों के संक्रमण के उपचार में काम आता है। वहीं डाक्सीसाइक्लिन एक एंटी बॉयोटिक है। जीवाणुओं के संक्रमण को ठीक करने में कारगर है। पैरासिटामॉल 650 मिग्रा बुखार और दर्द की दवा है। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिये 10 अप्रैल को इन दवाओं का प्रोटोकाल तय हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को इसे संदिग्ध मरीजों के लिये भी जारी कर दिया।
