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किसान आत्महत्या मामले में कलेक्टर सारांश मित्तर ने किया पटवारी को निलम्बित, पुलिस ने भी दर्ज किया 306 का केस, किसान के सुसाइड नोट को सही मान पटवारी को बनाया गया घटना के लिए दोषी! पढ़िये पूरा मामला

बिलासपुर – तखतपुर क्षेत्र के राजाकापा में एक किसान छोटूराम केंवट ने आज सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त किया है। इसमें पटवारी द्वारा रुपये लेकर काम नही करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस सुसाइड नोट जब्त कर मामले की जांच की तो नोट सही होने व बयानों से पटवारी दोषी पाया गया और उसे पुलिस ने धारा 306 के अपराध में गिरफ्तार किया गया। इधर मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर ने पटवारी को निलंबित कर दिया है. मामला राज्य भर में उस वक्त से चर्चा में आया जब सुसाइड नोट बरामद हुआ और उसमे पटवारी द्वारा पैसा लिए जाने के बाद भी काम नहीं किए जाने का आरोप लिखा गया है. जानकारी के मुताबिक किसान ने अपनी जमीन को बेचने का सौदा किया था। 31 मार्च को रजिस्ट्री होना था। जमीन की पर्ची नही होने पर जमीन की रजिस्ट्री नही हो पाई। इससे वे परेशान थे। शुक्रवार की सुबह छह बजे उन्होंने घर के पीछे पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी पत्नी चाय देने कमरे में आई। पति को कमरे में नही देख वे बाहर बाड़ी की ओर गईं। इस दौरान छोटू का शव फंदे पर लटक रहा था। उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त किया है। इसमें पर्ची नही बनने से परेशान होकर फांसी की बात लिखी है। साथ ही अपने बेटे को बहन का ख्याल रखने कहा है।

जमीन खरीदने के लिए बेच रहा जमीन

किसान छोटू की राजाकापा में 70 डिसमिल जमीन है। वहीं, बहुरता में भी उसकी जमीन है। वह राजाकापा की जमीन को बेचकर बहुरता में जमीन खरीदना चाहता था। उसने अपनी जमीन का सौदा भी कर लिया था। जमीन की पर्ची गुमने पर उसने नया पर्ची बनाने के लिए पटवारी से संपर्क किया था। समय पर पर्ची नहीं बनने से वह अपनी जमीन बेच नहीं पाया।

पटवारी ने कहा न्यायालय से नहीं मिला था आदेश

मामले में पटवारी उत्तम प्रधान ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले किसान उनके पास आया था। उसने नया पर्ची बनाने के लिए कहा। इस पर न्यायालयीन प्रक्रिया की जानकारी देकर उसे तहसील कार्यालय में आवेदन लगाने कहा गया था। इसके बाद भी वह नया पर्ची बनाने के लिए कह रहा था। तहसील न्यायालय से आदेश नहीं मिलने पर उसकी पर्ची नहीं बन पाई।

पुलिस कार्रवाई व जांच में यह सामने आया,,,,

तखतपुर थाना के सउनि संतोष पात्रे के मुताबिक थाना तखतपुर के मर्ग क्रमांक 26/2021 धारा 174 जाफौ. के मृतक छोटूराम कैवर्त की मर्ग जांच किया जो मर्ग जांच,पंचनामा कार्यवाही कथन गवाहान वारिसान एवं घटना स्थल निरीक्षण पर मिले सुसाईड नोट के आधार पर पाया गया कि मृतक छोटूराम कैवर्त पिता पंचराम कैवर्त उम्र 58 साल साकिन राजाकापा जो ग्राम राजाकापा स्थित स्वयं के जमीन का बिक्री हेतु सौदा किया था जो सौदा किए गये जमीन का पर्ची गुम हो गया था जिसका नया पर्ची बनाने हेतु संबंधित हल्का पटवारी उत्तम प्रधान द्वारा 5000 रूपये मांग करने पर मृतक द्वारा पटवारी उत्तम प्रधान को दो माह पूर्व पैसा दिया गया,जो पैसा लेने के बाद भी पटवारी द्वारा पर्ची नही बना रहा था जिससे मृतक लगातार दो माह तक पटवारी कार्यालय का चक्कर काटता रहा जो पटवारी द्वारा पर्ची बनाने हेतु पैसा लेकर टाल मटोल करने एवं पर्ची नही बनाने से पटवारी द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताडित करने से मृतक छोटू राम द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करना पाया गया जो मर्ग जांच पर धारा 306 भा.द.वि का घटित होना पाये जाने से अपराध सदर कायम कर विवेचना मे लिया गया .

सुसाइड नोट में लिखा जय श्री राम ,,,

छोटू ने सुसाइड नोट में बताया है कि वह पटवारी से तंग आ गया है। पांच हजार रुपए देने के बावजूद उसने काम नहीं किया और महीनों तक बेवजह घूमता रहा। इसलिए तंग आकर वह आत्महत्या कर रहा है। मामले में छोटू के साथी ने बताया कि जब छोटू ने पटवारी को रुपये दिए, उस समय वह भी उसके साथ ही था। सुसाइड नोट से पता चलता है कि इहलीला समाप्त करते वक्त छोटूराम को अपने परिवार की भी चिंता सता रही थी। उसने अपने बेटे के लिए लिखा है कि उसके मरने के बाद वह अपनी मां और बहन का ख्याल रखेगा। किसान ने फांसी लगाने से पहले पटवारी से प्रताड़ित होना और पैसे लेकर काम नही किए जाने को लेकर दुख जाहिर किया। पत्र के अंत में छोटू ने लिखा है कि वह पटवारी से काफी तंग आ गया था। इसलिए उसके सामने दूसरा कोई रास्ता नहीं है। पत्र के अंत में छोटू ने जय श्री राम लिखा है ।

कलेक्टर ने निलंबन आदेश किया जारी

जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम राजाकापा के कृषक श्री छोटू कैवर्त की आत्महत्या के मामले में कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की गई है। तखतपुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा हल्का नंबर 10, निगारबंद के पटवारी उत्तम प्रधान को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। निलम्बन आदेश के अनुसार हल्का क्षेत्र में आने वाले ग्रामों में कृषकों का कार्य नहीं करना अनुशासन हीनता तथा सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1965 के प्रावधानों का उल्लंघन है। निलम्बन अवधि में पटवारी का मुख्यालय सकरी होगा। निगारबंद पटवारी हल्के का प्रभार श्रीमती लक्ष्मी नायडू, पटवारी हल्का नंबर 11 को सौंपा गया है। प्रशासन के अनुसार मृतक कृषक श्री छोटे कैवर्त, उम्र 58 वर्ष के नाम पर 0.70 एकड़ भूमि है और उन पर कोई बैंक ऋण नहीं था। उनकी एक पुत्री का विवाह हो चुका है। दो पुत्रों में ड्राइवर तथा दूसरा कृषक है।  कृषक द्वारा की गई आत्महत्या के सम्बन्ध में तखतपुर पुलिस द्वारा पटवारी उत्तम प्रधान के खिलाफ धारा 306 आईपीसी तहत अपराध दर्ज कर एवं हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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