अक्षय तृतीया पर हुई जगन्नाथपुर में ठाकुर देव के साथ बरतिया देवता की भी पूजा, कई पीढ़ियों से यहां पेड़ पौधे पूजे जाते हैं, जानिए आखिर क्या है यहां की विशेष प्रथा?


वृक्ष और झाड़ियों का झुंड यहां कहलाता है झुण्डा, धार्मिक स्थल के रूप में किया गया है गांव वालों द्वारा इसे संरक्षित https://youtu.be/aPfm0iHAJVg?si=EC_SrsIEuozyj-xS देखिए खबर की वीडियो बालोद। अक्ती यानी…

स्व सहायता समूहों को मिला इंडियन स्नेक्स बनाने का प्रशिक्षण, 30 महिलाओं ने सीखा कैसे बनाते हैं पिज्जा बर्गर, नारियल लड्डू आदि


बालोद। सोसाइटी फॉर इंटीग्रेटेड रुरल डेवेलपमेंट (SIRD) के द्वारा नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से MEDP कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम कोटेरा एवं रानाखुज्जी के 3 स्व सहायता समूहों के सदस्यों को…

You cannot copy content of this page