बालोद। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष तामेश्वर प्रसाद कौशल ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए बालोद जिला सहित पूरे प्रदेश में स्कूलों को प्रातःकालीन (सुबह) शिफ्ट में संचालित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान से छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, ऐसे में समय रहते निर्णय आवश्यक है।
छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता
तामेश्वर प्रसाद कौशल ने बताया कि दोपहर की तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह की शिफ्ट में स्कूल लगाने से बच्चों को राहत मिलेगी और पढ़ाई भी बेहतर ढंग से हो सकेगी।
संघ और वरिष्ठ पदाधिकारियों का मिला समर्थन
इस मांग को कई प्रमुख संगठनों और पदाधिकारियों का समर्थन मिला है।
संरक्षक धरम लाल कौशिक (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष), कमल वर्मा (अध्यक्ष कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन छत्तीसगढ़), मधुकांत यदु (पेंशनर संघ) ने भी इस पहल को उचित बताते हुए शासन से जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
शिक्षकों ने भी जताई एकजुटता
इस संबंध में संजय मार्टिन, डी.आर. ठाकुर, टी.आर. देशलहरे, अशोक साहू, दिलीप कुमार, किरण कुमार, रेखा कौशल, नवीन साहू, प्रभाकर, हिमांशु, दयानिधि सहित अन्य शिक्षकों ने भी प्रातःकालीन शाला संचालन के समर्थन में अपनी सहमति जताई है।
अन्य जिलों में आदेश जारी, बालोद से भी मांग
शिक्षक संघ ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों के कलेक्टरों द्वारा सुबह शाला संचालन के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
ऐसे में बालोद जिला कलेक्टर से भी मांग की गई है कि जल्द से जल्द आदेश जारी कर विद्यार्थियों को राहत दी जाए।
जल्द निर्णय की उम्मीद
शिक्षक संघ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों के समय में तत्काल बदलाव कर सुबह की शिफ्ट लागू की जाए, ताकि बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
इस मुद्दे को लेकर शिक्षक वर्ग और अभिभावकों में सकारात्मक माहौल है, और सभी को प्रशासन के फैसले का बेसब्री से इंतजार है।
