DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

6 महीने में ही धंसी करोड़ों की सड़क! नेशनल हाईवे 930 की हालत पर भड़के समाजसेवी उमेश कुमार सेन

बालोद। जिले के नए बस स्टैंड से दल्ली चौक तक निर्मित नेशनल हाईवे 930 की हालत अब गंभीर चिंता का विषय बन गई है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क महज 4 से 6 महीनों के भीतर ही कई जगहों पर धंसने लगी है, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

समाजसेवी उमेश कुमार सेन ने उठाई जोरदार आवाज

जनहित के सजग प्रहरी व समाजसेवी उमेश कुमार सेन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सड़क निर्माण में भारी अनियमितताओं, गुणवत्ता में लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर जनता के टैक्स के पैसे के साथ खिलवाड़ है।

निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल

उमेश कुमार सेन ने कहा कि इतनी बड़ी लागत से बनी सड़क का कुछ ही महीनों में धंस जाना यह साबित करता है कि निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं किया गया।
उन्होंने आशंका जताई कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग

उन्होंने संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों के इस प्रोजेक्ट में यदि शुरुआत में ही सड़क खराब हो रही है, तो जिम्मेदारी तय होना अनिवार्य है।

प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल

समाजसेवी सेन ने प्रशासन की निष्क्रियता पर भी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि कई शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना यह दर्शाता है कि जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।

जनता को झेलनी पड़ रही परेशानी

सड़क धंसने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
वाहन चालकों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है, वहीं स्थानीय व्यापारियों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।

उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

उमेश कुमार सेन ने मांग की है कि:

  • पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
  • दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो
  • सड़क की गुणवत्ता सुधारते हुए जल्द मरम्मत कार्य कराया जाए

निष्कर्ष

नेशनल हाईवे 930 की बदहाल स्थिति निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
यदि समय रहते जवाबदेही तय नहीं की गई, तो जनता का भरोसा व्यवस्था से उठ सकता है।
अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है।

You cannot copy content of this page