जानिए आखिर क्यों चर्चा में है बालोद जिले की ये गोंदली सभ्यता! कैसे इस जगह का पड़ा था नाम ,डैम से पहले था यहां कभी 25 गांव की संस्कृति का पुराना ठिकाना,,,
1956 में गोंदली डैम बनाने 20 से 25 गांव किए गए थे खाली, करीब 68 साल बाद सूखाया जा रहा डैम तो दिखने लगा प्राचीन शीतला मंदिर और कई कुएं…
