वार्ड-16 राजहरा में पर्यावरण संरक्षण की पहल, बच्चों को दिया हरियाली बचाने का संदेश
दल्लीराजहरा। हरेली पर्व के अवसर पर वार्ड क्रमांक 16 राजहरा में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली का संदेश देते हुए बच्चों के साथ 20 करंज के पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
पौधारोपण के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक गड्ढे खोदे, पौधे लगाए और उनमें पानी दिया। इसके साथ ही सभी बच्चों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया। युवाओं ने बच्चों के साथ मिलकर पौधों के आसपास घेराबंदी कर उनकी सुरक्षा की व्यवस्था भी की।
बच्चों को बताया पेड़-पौधों का महत्व
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पेड़-पौधों के महत्व, वृक्षों से होने वाले लाभ और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि बढ़ते प्रदूषण और तापमान को नियंत्रित करने में पेड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और हरित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल करना भी जरूरी है।
आयोजकों ने बताया कि पर्यावरणीय महत्व को देखते हुए करंज के पौधों का चयन किया गया। करंज छायादार वृक्ष होने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।
“हरेली प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का अवसर”

इस अवसर पर चेतन सिन्हा ने कहा कि हरेली केवल प्रकृति और हरियाली का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेने का भी अवसर है। सरकारी प्रयासों के साथ आम नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना होगा। प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, मोहल्ले और स्कूल के आसपास पौधे लगाने के साथ उनकी सुरक्षा एवं देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में यशवंत टंडन, चेतन सिन्हा, बिट्टू सहित अन्य युवाओं ने सक्रिय योगदान दिया। आयोजन के माध्यम से “हर घर एक पौधा लगाए, हरियाली बढ़ाए और पर्यावरण बचाए” का संदेश दिया गया।











