RTI से मिली जानकारी के आधार पर कलेक्टोरेट में शिकायत, स्थल निरीक्षण कर बिल-वाउचर और माप पुस्तिका के मिलान की मांग
बालोद/बी-जामगांव, 8 अगस्त 2026। ग्राम पंचायत बी-जामगांव में मुक्तिधाम सहित विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ता अमेश्वरी साहू ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर कलेक्टोरेट में लिखित शिकायत प्रस्तुत करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के साथ संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं।
16 टीन शीट लगीं, बिल में 27 का उल्लेख होने का दावा
शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, मुक्तिधाम निर्माण कार्य में मौके पर 16 टीन शीट लगाए जाने की बात सामने आई है, जबकि संबंधित बिल में 27 टीन शीट दर्शाए जाने का आरोप लगाया गया है। वास्तविक निर्माण कार्य और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों में कथित अंतर को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि निर्माण स्थल का भौतिक सत्यापन कराकर मौके पर लगी सामग्री की वास्तविक मात्रा का संबंधित बिल, माप पुस्तिका और भुगतान रिकॉर्ड से मिलान कराया जाए।
पुराने लोहे के एंगल को नया बताकर भुगतान का आरोप
मामले में निर्माण में उपयोग किए गए लोहे के एंगल को लेकर भी शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ स्थानों पर पुराने लोहे के एंगल का इस्तेमाल किया गया, जबकि संबंधित बिल में उन्हें नया एंगल दर्शाकर राशि का भुगतान कराया गया।
यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, वास्तविक मात्रा और भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
RTI से मिली जानकारी के बाद उठाए सवाल
शिकायतकर्ता अमेश्वरी साहू ने सूचना के अधिकार के माध्यम से ग्राम पंचायत के विभिन्न निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त की। दस्तावेजों में सामने आई जानकारी के आधार पर उन्होंने मुक्तिधाम निर्माण सहित संबंधित कार्यों की स्थल जांच, बिल-वाउचर, माप पुस्तिका, सामग्री की मात्रा और भुगतान रिकॉर्ड का मिलान कराने की मांग की है।
कलेक्टोरेट में शिकायत, जांच और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टोरेट में दिए गए आवेदन में संबंधित निर्माण कार्यों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की गई है। साथ ही, यदि जांच में वित्तीय अथवा निर्माण संबंधी अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई तथा शासकीय राशि की वसूली किए जाने की मांग की गई है।
शिकायत की प्रति पर कार्यालय की मुहर भी दिखाई दे रही है, जो आवेदन प्रस्तुत किए जाने का दस्तावेजी आधार है।
स्थल और दस्तावेजों के मिलान से सामने आएगी वास्तविकता
मुक्तिधाम जैसे सार्वजनिक उपयोग के निर्माण कार्य में वास्तव में कितनी सामग्री लगाई गई, कितनी मात्रा का बिल तैयार किया गया और भुगतान किस आधार पर किया गया—यह जांच का महत्वपूर्ण विषय है। शिकायतकर्ता ने तकनीकी एवं भौतिक सत्यापन कराकर दस्तावेजों से उसका मिलान कराने की मांग की है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। आरोप सही हैं या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। संबंधित ग्राम पंचायत पदाधिकारियों एवं अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।











