
11 वर्षीय मोक्ष का 18 अगस्त से पेंड्रा में होने वाली प्रतियोगिता के लिए चयन, रोज सुबह 5 बजे पहुंचते हैं क्रिकेट अभ्यास के लिए
बालोद। कम उम्र में बड़े सपने और उन्हें पूरा करने का जुनून हो तो सफलता जरूर कदम चूमती है। इसका उदाहरण बालोद के 11 वर्षीय मोक्ष देशमुख ने पेश किया है। संस्कार शाला, बालोद में कक्षा छठवीं में अध्ययनरत मोक्ष ने अपनी मेहनत, लगन और क्रिकेट के प्रति समर्पण के दम पर SGFI (School Games Federation of India) स्कूल गेम्स की राज्य स्तरीय अंडर-14 क्रिकेट प्रतियोगिता में जगह बनाई है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 18 अगस्त से पेंड्रा में किया जाएगा।

मोक्ष वर्तमान में बालोद क्रिकेट क्लब में क्रिकेट की बारीकियां सीख रहे हैं। उनकी सबसे खास बात नियमित अभ्यास और खेल के प्रति जुनून है। वह प्रतिदिन सुबह 5 बजे क्रिकेट अकादमी पहुंचकर अभ्यास शुरू कर देते हैं। इतनी कम उम्र में क्रिकेट के प्रति उनका यह समर्पण उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग पहचान दिला रहा है।
कोच सूर्या सर के मार्गदर्शन में निखर रहा खेल
मोक्ष के क्रिकेट कौशल को निखारने में उनके कोच सूर्यकांत सिन्हा (सूर्या सर) का महत्वपूर्ण योगदान है। उनके मार्गदर्शन में मोक्ष लगातार अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी, फील्डिंग और फिटनेस पर मेहनत कर रहे हैं।
कोच सूर्यकांत सिन्हा का मानना है कि मोक्ष में सीखने की ललक और आगे बढ़ने की क्षमता दोनों मौजूद हैं। यदि वह इसी तरह निरंतर अभ्यास और अनुशासन के साथ आगे बढ़ते रहे तो भविष्य में क्रिकेट के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
पिता के सहयोग से बढ़ रहा है हौसला
मोक्ष के पिता अजय देशमुख पेशे से व्याख्याता हैं और बेलमांड स्कूल में कार्यरत हैं। बेटे के क्रिकेट के प्रति जुनून को समझते हुए वे लगातार उसका हौसला बढ़ाते हैं और उसकी खेल यात्रा में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
बेटे की मेहनत को समय, प्रोत्साहन और विश्वास देना ही एक अभिभावक की महत्वपूर्ण भूमिका है। अजय देशमुख ने मोक्ष को यही भरोसा और हौसला दिया, जिसका परिणाम अब राज्य स्तरीय चयन के रूप में सामने आया है।
18 अगस्त से पेंड्रा में दिखाएंगे प्रतिभा
अब मोक्ष देशमुख 18 अगस्त से पेंड्रा में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय SGFI अंडर-14 क्रिकेट प्रतियोगिता में अपने खेल का प्रदर्शन करेंगे। उनके चयन से परिवार, विद्यालय, बालोद क्रिकेट क्लब और जिले के खेलप्रेमियों में खुशी का माहौल है।
मोक्ष की कहानी यह संदेश देती है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत की जाए तो सफलता की राह जरूर बनती है।
बालोद के होनहार क्रिकेटर मोक्ष देशमुख को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। 🏏













