हरेली पर्व पर क्रांति भूषण साहू ने लिया गेड़ी चढ़ने का आनंद, छत्तीसगढ़ी परंपरा से जुड़ने का दिया संदेश
बालोद। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली के अवसर पर जिला सरपंच संघ बालोद के अध्यक्ष एवं भरदाकला सरपंच क्रांति भूषण साहू ने गेड़ी चढ़कर बचपन की यादें ताजा कीं। उन्होंने पारंपरिक गेड़ी पर चढ़कर इसका आनंद लिया और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया।
क्रांति भूषण साहू ने कहा कि गेड़ी चढ़ना हरेली पर्व की पुरानी और लोकप्रिय परंपराओं में से एक है। बचपन में गेड़ी चढ़ने का अलग ही उत्साह रहता था। आज गेड़ी पर चढ़कर पुरानी यादें फिर से ताजा हो गईं।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी हमें अपनी लोक संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन से जुड़े पारंपरिक खेलों एवं रीति-रिवाजों को जीवंत बनाए रखना चाहिए। हरेली केवल त्योहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान का पर्व भी है।













