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पंडित श्रीराम बाजपेयी की 146वीं जयंती पर बालोद में स्काउट-गाइड ने किया पौधरोपण, सैनिकों के लिए बनाई 150 राखियां

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बालोद का आयोजन; तृतीय सोपान/निपुण प्रशिक्षण एवं जांच शिविर का भी हुआ समापन

बालोद। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़, जिला संघ बालोद के तत्वावधान में पंडित श्रीराम जी बाजपेयी की 146वीं जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन, व्यक्तित्व एवं भारतीय स्काउटिंग आंदोलन में योगदान को याद किया गया।

जयंती के अवसर पर घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालोद परिसर में वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे.के. खलको, जिला सचिव के.एल. गजेन्द्र, डीओसी नेमसिंह साहू एवं प्रेमलता चंद्राकर, डीटीसी भुवन सिन्हा, वरिष्ठ कब मास्टर वाई.पी. गांगुली, विकासखंड सचिव रूपेन्द्र सिन्हा सहित स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर एवं प्रभारी शिक्षक उपस्थित रहे।

भारतीय स्काउटिंग के विकास में बाजपेयी का महत्वपूर्ण योगदान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव ने कहा कि पंडित श्रीराम बाजपेयी को भारत में स्काउटिंग आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में माना जाता है। ब्रिटिश काल में जब मूल स्काउट आंदोलन भारतीय बच्चों के लिए पूरी तरह खुला नहीं था, तब बाजपेयी ने राष्ट्रवादी विचारों के साथ भारतीय बच्चों के लिए स्वदेशी स्काउटिंग की नींव मजबूत की। उन्होंने वर्ष 1913 में भारतीय बच्चों के लिए पहला स्काउट दल प्रारंभ किया।

डीओसी स्काउट एवं शिविर संचालक नेमसिंह साहू ने बताया कि पंडित श्रीराम बाजपेयी के नेतृत्व में 1 से 7 फरवरी 1937 तक दिल्ली में प्रथम औपचारिक जंबूरी का आयोजन हुआ। उन्होंने भारतीय स्काउटिंग की क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डीओसी गाइड एवं शिविर संचालक प्रेमलता चंद्राकर ने बताया कि उस दौर में ब्रिटिश स्काउट संगठन में ‘राजा के प्रति कर्तव्य’ की शपथ का प्रावधान था। राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित पंडित श्रीराम बाजपेयी एवं अन्य नेताओं ने इसमें देश के प्रति निष्ठा को महत्व देने की दिशा में प्रयास किया।

सैनिक भाइयों के लिए तैयार की 150 हस्तनिर्मित राखियां

कार्यक्रम के दौरान ‘एक राखी सैनिक भाई के नाम’ एवं ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र-2026’ का भी आयोजन किया गया। गाइड एवं रेंजर बहनों ने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों के सम्मान में लगभग 150 हस्तनिर्मित राखियां तैयार कीं।

इन राखियों को सीमा पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाने के लिए जिला संघ बालोद के पदाधिकारियों को सौंपा गया। जिला संगठन आयुक्त स्काउट नेमसिंह साहू ने जिले की विभिन्न संस्थाओं से अपील की कि उनके द्वारा तैयार की गई राखियां जल्द से जल्द जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कराएं, ताकि समय पर इन्हें सैनिक भाइयों तक पहुंचाया जा सके।

124 प्रतिभागियों ने लिया तृतीय सोपान/निपुण प्रशिक्षण

इसी अवसर पर विकासखंड बालोद के तृतीय सोपान/निपुण प्रशिक्षण एवं जांच शिविर का भी समापन हुआ। शिविर में 124 प्रतिभागियों एवं 15 प्रभारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्काउटिंग के आधारभूत तत्व, आंदोलन का ज्ञान, सिद्धांत एवं पद्धति, बीपी की जीवनी, प्रार्थना, झंडा गीत, नियम एवं प्रतिज्ञा, बाएं हाथ से हाथ मिलाना, प्राथमिक चिकित्सा, विभिन्न गांठें, लेसिंग, ट्रेसल, बीपी सिक्स, ध्वज शिष्टाचार, अनुमान, दिशा ज्ञान, कंपास, सीटी एवं हाथ के संकेत तथा मानचित्र आदि का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन विकासखंड सचिव रूपेन्द्र सिन्हा ने किया। आयोजन के सफल समापन पर जिला संघ बालोद के पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर एवं सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

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