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पेपर लीक कानून का विरोध कर कांग्रेस ने युवाओं के हितों के साथ किया अन्याय : विनोद जैन

भाजपा जिला कार्यालय मंत्री ने केंद्र सरकार के सख्त कानून को बताया युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम

बालोद। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय मंत्री विनोद जैन ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त पेपर लीक कानून का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से पेपर लीक माफिया प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत, समय और सपनों के साथ खिलवाड़ करते रहे हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कानून आवश्यक था।

विनोद जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह सख्त कानून बनाया है। इससे पेपर लीक कराने वाले गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का रास्ता और अधिक प्रभावी होगा।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक सहयोग करने के बजाय संसद में हंगामा कर कानून का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का यह रुख उन लाखों युवाओं की भावनाओं के विपरीत है, जो लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे हैं।

विनोद जैन ने कहा कि शिक्षा और रोजगार जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीति करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों को युवाओं के हित में सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मत है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी तथा देश के युवाओं का परीक्षा एवं भर्ती व्यवस्था पर विश्वास सुदृढ़ होगा।

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