“टीचर की एक बात ने बदल दी जिंदगी”: दुबले-पतले छात्र से फिटनेस आइकॉन बने सनी जायसवाल
जिम ट्रेनर से किसान और फिर इंटक जिला अध्यक्ष तक का सफर, संघर्ष, अनुशासन और नई शुरुआत की प्रेरक कहानी
बालोद। कई बार जीवन की दिशा बदलने के लिए किसी बड़े अवसर की नहीं, बल्कि एक छोटे से प्रेरक वाक्य की जरूरत होती है। दल्लीराजहरा निवासी सनी जायसवाल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। स्कूल में शिक्षक की एक टिप्पणी ने उनके जीवन की दिशा बदल दी और आज वे फिटनेस, खेती, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।
एक शिक्षक की बात बनी जीवन का टर्निंग पॉइंट
सनी जायसवाल बताते हैं कि जब वे कक्षा 12वीं में पढ़ते थे, तब उनकी अंग्रेजी शिक्षिका ने उनसे कहा, “तुम 11वीं में ज्यादा अच्छे दिखते थे, अभी बहुत पतले-दुबले लग रहे हो।”
यह बात उनके मन में गहराई से बैठ गई। वर्ष 2008 में उन्होंने खुद को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जिम जाना शुरू किया। धीरे-धीरे फिटनेस उनका जुनून बन गई और यही उनके जीवन की नई पहचान बन गई।

कॉलेज छोड़ा, जिम ट्रेनर बने और बनाया अपना मुकाम
फिटनेस के प्रति बढ़ते समर्पण के चलते उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और रायपुर में जिम ट्रेनर के रूप में कार्य शुरू किया। मेहनत, अनुशासन और सीखने की लगन ने उन्हें आगे बढ़ाया। कुछ समय बाद उन्होंने अपना स्वयं का जिम स्थापित किया और फिटनेस क्षेत्र में पहचान बनाई।
कोरोना संकट में बदली राह, खेती से फिर बनाई नई पहचान
कोरोना महामारी के दौरान उनका जिम प्रभावित हुआ और कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने हार नहीं मानी और खेती-किसानी को अपनाया। मेहनत और सकारात्मक सोच के दम पर उन्होंने कृषि क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
सनी कहते हैं कि “जीवन में गिरना असफलता नहीं है, बल्कि हर बार फिर उठकर आगे बढ़ना ही असली सफलता है।”
फिटनेस के क्षेत्र में मिला राष्ट्रीय सम्मान
फिटनेस के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सनी जायसवाल को राजस्थान, दिल्ली और रायपुर सहित विभिन्न मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है।
वर्ष 2016 में उन्होंने लोकप्रिय फिटनेस आइकॉन और अभिनेता साहिल खान को छत्तीसगढ़ आमंत्रित कर उनका सम्मान किया। वहीं रायपुर में आयोजित एक बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में उन्हें प्रसिद्ध रेसलर द ग्रेट खली के हाथों सम्मानित होने का अवसर भी मिला।
“मेरी हर सफलता के पीछे पत्नी का साथ”
सनी जायसवाल अपनी हर उपलब्धि का श्रेय अपनी पत्नी पूजा जायसवाल को देते हैं। उनका कहना है कि संघर्ष के हर दौर में परिवार का विश्वास और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा।
फिटनेस के जरिए युवाओं को दे रहे नशामुक्ति का संदेश
सनी जायसवाल का मानना है कि आज के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती नशे की बढ़ती प्रवृत्ति है। वे युवाओं से फिटनेस और खेल को अपनाने की अपील करते हुए कहते हैं—
“नशा शरीर और भविष्य दोनों को कमजोर करता है, जबकि फिटनेस आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करती है।”
वे युवाओं से सप्ताह में कम से कम तीन दिन अपने स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए समय निकालने का आग्रह करते हैं।
गांव-गांव तक फिटनेस पहुंचाने का सपना
सनी जायसवाल की इच्छा है कि भविष्य में गांव, पंचायत और ब्लॉक स्तर तक आधुनिक फिटनेस सुविधाएं विकसित हों, ताकि ग्रामीण युवाओं को भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का अवसर मिल सके।
राजनीति में भी निभा रहे सक्रिय भूमिका
फिटनेस और खेती के साथ-साथ सनी जायसवाल सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वर्ष 2014 से कांग्रेस संगठन से जुड़े सनी आज बालोद जिला इंटक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
संघर्ष से सफलता तक का संदेश
सनी जायसवाल की यात्रा यह साबित करती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति में मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास हो तो वह हर चुनौती को अवसर में बदल सकता है। आज वे फिटनेस, खेती, समाजसेवा और जनजीवन में सक्रिय रहकर युवाओं को स्वस्थ, नशामुक्त और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दे रहे हैं।





