10 लाख की मिसाल: समाजसेवी राजेश सिन्हा ने 53 गांवों को दिए स्टील बर्तन, प्लास्टिक मुक्त बालोद का चला रहे अभियान

बालोद/गुंडरदेही। पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त समाज के संकल्प को साकार करने की दिशा में बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम सिर्राभांठा निवासी समाजसेवी राजेश सिन्हा एक अनूठी पहल के जरिए लोगों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। उन्होंने अपने निजी खर्च पर जिले के विभिन्न गांवों और सामाजिक संगठनों को स्टील के बर्तन उपलब्ध कराकर प्लास्टिक मुक्त समाज बनाने का अभियान शुरू किया है।
53 गांवों तक पहुंचा अभियान
पिछले वर्ष शुरू हुई इस मुहिम के तहत अब तक 53 गांवों में 200 स्टील की थालियां और 200 स्टील के गिलास का सेट निशुल्क वितरित किया जा चुका है। एक गांव में बर्तन उपलब्ध कराने में लगभग 20 हजार रुपये का खर्च आता है। इस प्रकार राजेश सिन्हा अब तक करीब 10 लाख 60 हजार रुपये स्वयं खर्च कर चुके हैं।
बर्तन के साथ दिलाते हैं प्लास्टिक मुक्त गांव की शपथ

राजेश सिन्हा केवल स्टील के बर्तन ही नहीं देते, बल्कि संबंधित गांवों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों से लिखित शपथ पत्र भी भरवाते हैं। इसमें सार्वजनिक आयोजनों में प्लास्टिक डिस्पोजल और पत्तलों का उपयोग नहीं करने तथा गांव को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने का संकल्प लिया जाता है। नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई का भी उल्लेख किया जाता है।
2019 में शुरू किया था ‘बर्तन बैंक’
राजेश सिन्हा ने वर्ष 2019 में अपने गृह ग्राम सिर्राभांठा में ‘बर्तन बैंक’ की शुरुआत की थी। गांव में होने वाले सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए वे निःशुल्क स्टील के बर्तन उपलब्ध कराते थे। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर कई अन्य गांवों और सामाजिक संगठनों ने भी बर्तन बैंक की शुरुआत की है।
पर्यावरण संरक्षण की बन रहे प्रेरणा
यह अभियान अब ग्राम चीचा, गोरकापार, खुरसुनी, मुड़िया, ओडारसकरी, नवागांव, घीना, कलंगपुर, तिलखैरी, भिलाई, पुरूर, परसोदा, माहुद (बी), मनकी, सलौनी, कुडेरा दादर, देवरी, मोहंदीपाट सहित 53 गांवों तक पहुंच चुका है।
विश्व पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाली इस पहल की जिलेभर में सराहना हो रही है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रत्येक गांव इस तरह की पहल करे तो प्लास्टिक मुक्त समाज का लक्ष्य जल्द ही हासिल किया जा सकता है।
‘बर्तन नहीं, जागरूकता बांट रहा हूं’
समाजसेवी राजेश सिन्हा का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल स्टील के बर्तन वितरित करना नहीं, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली के प्रति स्थायी जागरूकता पैदा करना है। उनका मानना है कि छोटी-छोटी सामाजिक पहल ही भविष्य में बड़े परिवर्तन का आधार बनती हैं।





