बालोद। एनएसयूआई डोंडी लोहारा विधानसभा अध्यक्ष डोमेन्द्र साहसी ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
“नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर उठे विवादों के बाद अब महाराष्ट्र में टीईटी परीक्षा से जुड़ी सामने आई खबरों ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर बार-बार ऐसी परिस्थितियां क्यों बन रही हैं? यह भाजपा सरकारों की परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने में नाकामी को दर्शाता है। सरकार को जवाब देना चाहिए कि युवाओं के भविष्य के साथ बार-बार खिलवाड़ क्यों हो रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई कब होगी।”
उन्होंने कहा कि पहले नीट परीक्षा विवाद और अब महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़ी सामने आई खबरों ने लाखों युवाओं और अभ्यर्थियों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से डगमगाया है। यदि किसी परीक्षा में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होना आवश्यक है।
डोमेन्द्र साहसी ने कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार है। ऐसे में राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करे और यदि कहीं भी लापरवाही या अनियमितता हुई है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा, युवाओं को निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था का भरोसा भी मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्षों तक कठिन मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। ऐसे में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी जैसी घटनाएं युवाओं के सपनों, उनके भविष्य और मेहनत के साथ अन्याय हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं और बेरोजगार युवाओं का मनोबल टूटता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, पेपर लीक के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो तथा योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
डोमेन्द्र साहसी ने कहा कि एनएसयूआई हमेशा छात्रों और युवाओं के अधिकारों की आवाज़ उठाती रही है और आगे भी रोजगार, निष्पक्ष भर्ती तथा पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को मजबूती से उठाती रहेगी। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।





