डीजल संकट के बीच किसानों को राहत, पेट्रोल-डीजल बिक्री पर सख्ती और ई-व्हीकल मिशन शुरू: बालोद में प्रशासन के तीन बड़े फैसले



रबी धान कटाई के लिए रिजर्व स्टॉक से मिलेगा डीजल, अब बोतल-जेरीकेन में नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, जिले में बनेंगे हाई स्पीड ई-चार्जिंग स्टेशन

बालोद। बालोद जिले में डीजल संकट, रबी धान कटाई, पेट्रोल-डीजल की अनियंत्रित बिक्री और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन एवं राज्य शासन ने एक साथ तीन बड़े फैसले लागू किए हैं। किसानों को राहत देने, ईंधन की कालाबाजारी रोकने और भविष्य में जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।


धान कटाई के लिए हार्वेस्टर किसानों को रिजर्व स्टॉक से मिलेगा डीजल

कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले में रबी सीजन की धान कटाई में किसानों को आ रही परेशानी को देखते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब जिले के सभी पेट्रोल पंपों में सुरक्षित रखे गए 4000 लीटर रिजर्व डीजल स्टॉक से सीधे हार्वेस्टर संचालकों और किसानों को डीजल उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जिले में रबी सीजन की धान कटाई लगभग 5 से 10 जून 2026 तक पूर्ण की जानी है। वर्तमान में किसानों द्वारा धान कटाई के लिए डीजल नहीं मिलने की लगातार शिकायतें की जा रही थीं। जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को पूर्व से ही 2000 लीटर पेट्रोल एवं 4000 लीटर डीजल आवश्यक कार्यों के लिए रिजर्व स्टॉक के रूप में रखने के निर्देश दिए गए थे।

लेकिन पिछले एक सप्ताह से मांग के अनुरूप पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नहीं होने के कारण कई पेट्रोल पंपों में ड्राई जैसी स्थिति बन गई है। इससे किसानों को हार्वेस्टर संचालन के लिए पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा था।

जिले में 656 हार्वेस्टर मशीनें कर रहीं धान कटाई

प्रशासन के अनुसार बालोद जिले में धान कटाई के लिए कुल 656 हार्वेस्टर मशीनें उपलब्ध हैं। धान कटाई में चैन हार्वेस्टर और बड़े हार्वेस्टर का उपयोग किया जाता है, जिनमें प्रति एकड़ कटाई के लिए लगभग 6 से 12 लीटर डीजल की आवश्यकता पड़ती है।

कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के सत्यापन के बाद किसानों को प्राथमिकता के आधार पर रिजर्व स्टॉक से डीजल उपलब्ध कराया जाए। यह विशेष व्यवस्था 10 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।

प्रशासन के इस फैसले से जिले के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


अब बोतल, ड्रम और जेरीकेन में नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

पश्चिम एशियाई संकट के बीच राज्य शासन ने जारी किए सख्त निर्देश

पश्चिम एशियाई संकट और बढ़ती ईंधन मांग को देखते हुए राज्य शासन ने पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब राज्य के सभी पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल केवल उपभोक्ताओं के वाहन की टंकी में ही दिया जाएगा।

अब पेट्रोल पंप संचालक ड्रम, बोतल और जेरीकेन में पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री नहीं कर सकेंगे। शासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसा करना मोटर स्पिरिट एवं हाई स्पीड डीजल (प्रदाय तथा वितरण का विनियमन और अनाचार निवारण) आदेश 2005 के तहत ‘अप्राधिकृत विक्रय’ माना जाएगा।

उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

निर्देशों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि शासन ने किसानों और जरूरी सेवाओं के लिए राहत भी दी है। रबी फसल कटाई, आगामी खरीफ सीजन की तैयारी, रेलवे, सड़क निर्माण, भवन निर्माण, अस्पताल, मोबाइल टॉवर और अन्य अत्यावश्यक सेवाओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत छूट प्रदान की गई है।

ऐसे मामलों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा मांग का परीक्षण करने के बाद संबंधित पेट्रोल पंप संचालक को सुरक्षा मानकों के अनुरूप पेट्रोल-डीजल देने की अनुमति दी जाएगी।

यह आदेश राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।


बालोद में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने नई पहल

जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने प्रशासन ने शुरू किया अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर बालोद जिला प्रशासन ने जीवाश्म ईंधनों की उपयोगिता और निर्भरता कम करने के लिए जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिकाधिक उपयोग की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है।

कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

जिले में स्थापित होंगे हाई स्पीड चार्जिंग स्टेशन

प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हाई स्पीड ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग, सार्वजनिक परिवहन स्थल एवं ऐसे शासकीय स्थान चिन्हित किए जाएंगे जहां विद्युत ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध हों।

कलेक्टर ने अधिकारियों को संबंधित ग्राम पंचायतों एवं नगर पंचायतों के साथ एमओयू कर जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। चार्जिंग स्टेशन को कोको एवं फोको मॉडल के तहत स्थापित किया जाएगा।


किसानों, आम जनता और पर्यावरण तीनों को राहत देने की कोशिश

जिले में एक साथ लिए गए इन तीन बड़े फैसलों को प्रशासन की दूरदर्शी पहल माना जा रहा है। एक ओर जहां किसानों को धान कटाई के दौरान डीजल संकट से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर भविष्य में ईंधन पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है।

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