करहीभदर सब स्टेशन बना ग्रामीणों की परेशानी का कारण, अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन बेहाल



सुबह-शाम घंटों पावर कट, पेयजल संकट और भीषण गर्मी से ग्रामीण परेशान

बालोद/ दीपक मसीह,करहीभदर। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित करहीभदर सब स्टेशन इन दिनों लगातार बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों की परेशानी का बड़ा कारण बनता जा रहा है। इस सब स्टेशन से जुड़े कई गांवों में आए दिन हो रही अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इन गांवों में सबसे ज्यादा असर

करहीभदर सब स्टेशन से करहीभदर, कन्नेवाड़ा, हथौद, जामगांव, चिरईगोड़ी, मुजगहन, सोरर सहित आसपास के अनेक गांव जुड़े हुए हैं। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

सुबह-शाम बिजली गुल, पानी के लिए भटक रहे लोग

ग्रामीणों ने बताया कि सुबह और शाम लगभग एक-एक घंटे से अधिक समय तक बिजली बंद रहती है। इसके अलावा दिन और रात में भी बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। गर्मी के इस मौसम में बिजली बंद होने से पेयजल संकट गहराने लगा है, क्योंकि अधिकांश घरों में पानी मोटर पंप के माध्यम से भरता है।

लोगों का कहना है कि बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और किसानों के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है।

मेंटेनेंस की कमी का आरोप

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर मेंटेनेंस कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय पर लाइन और उपकरणों का रखरखाव नहीं होने के कारण आए दिन फॉल्ट की स्थिति बन रही है।

बिजली बंद होने की सूचना देने के बाद भी विभागीय कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचते, जिससे लोगों को घंटों अंधेरे में रहना पड़ता है।

पूर्व सूचना नहीं मिलने से बढ़ रही परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी कारणवश बिजली बंद करनी पड़ती है तो विभाग द्वारा पहले से सूचना दी जानी चाहिए, ताकि लोग अपने जरूरी कार्यों की व्यवस्था कर सकें। लेकिन बिना सूचना के हो रही कटौती से आम जनता को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों ने की व्यवस्था सुधारने की मांग

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से करहीभदर सब स्टेशन की व्यवस्था में सुधार करने, नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने और अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को भी मजबूर हो सकते हैं।

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