44 डिग्री गर्मी में शिक्षकों का प्रशिक्षण क्यों? ग्रीष्मकालीन अवकाश में लगाए गए शेड्यूल पर टीचर्स एसोसिएशन नाराज

‘नवतपा में ट्रेनिंग नहीं, शिक्षकों के स्वास्थ्य का भी रखें ध्यान’ — छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने उठाई मांग

बालोद। भीषण गर्मी और ग्रीष्मकालीन अवकाश के बीच शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम तय किए जाने पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने जिला शिक्षा विभाग से प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्थगित कर 16 जून के बाद आयोजित करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) दुर्ग द्वारा जिले के हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के वाणिज्य संकाय के व्याख्याताओं के लिए 25 मई से 30 मई 2026 तक (27 मई को छोड़कर) पांच दिवसीय विषय आधारित प्रशिक्षण का शेड्यूल जारी किया गया है। यह प्रशिक्षण जिला मुख्यालय स्थित सेजेस आमापारा बालोद में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।

ग्रीष्मकालीन अवकाश में प्रशिक्षण पर उठे सवाल

टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि एक ओर शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है, वहीं दूसरी ओर 40 से 44 डिग्री तापमान और नवतपा जैसी भीषण गर्मी के बीच प्रशिक्षण आयोजित करना उचित नहीं है।

संगठन ने कहा कि प्रशिक्षण शेड्यूल बनाते समय शिक्षकों के स्वास्थ्य, सुविधा और मानसिक तनाव का ध्यान नहीं रखा गया है।

‘16 जून के बाद हो प्रशिक्षण’

टीचर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि एससीईआरटी के संदर्भ आदेश के आधार पर आयोजित होने वाले इन प्रशिक्षणों को अवकाश समाप्ति के बाद 16 जून से आयोजित किया जाए, ताकि शिक्षक बिना किसी स्वास्थ्य जोखिम के प्रशिक्षण में शामिल हो सकें।

संगठन के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी बालोद से डाईट दुर्ग के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थगित कराने की मांग की है।

शिक्षकों के स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता

संगठन ने कहा कि भीषण गर्मी में लगातार यात्रा कर प्रशिक्षण में शामिल होना शिक्षकों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे समय में शिक्षकों को आराम और पारिवारिक समय मिलना चाहिए, न कि अवकाश के दौरान अनिवार्य प्रशिक्षण में बुलाया जाना चाहिए।

इन पदाधिकारियों ने उठाई मांग

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बालोद की ओर से जिलाध्यक्ष दिलीप साहू, जिला संयोजक रामकिशोर खरांशु, कामता प्रसाद साहू, जिला उपाध्यक्ष शिव शांडिल्य, वीरेंद्र देवांगन, पवन जोशी, नीलेश देशमुख, कांतु राम चंदेल, जिला सचिव नरेंद्र साहू एवं जिला कोषाध्यक्ष पवन कुम्भकार सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से मांग की है कि सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की सुविधा, सेहत और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद आयोजित किए जाएं।

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