नौतपा में ट्रेनिंग स्थगित कर जून में कराने की मांग, शिक्षकों के स्वास्थ्य और प्रशिक्षण गुणवत्ता का उठाया मुद्दा

दुर्ग/बालोद। भीषण गर्मी और नौतपा के बीच आयोजित किए जा रहे व्याख्याताओं के अकादमिक प्रशिक्षण को लेकर छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ ने गंभीर चिंता जताई है। संघ के प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव एवं संयुक्त संचालक से सौजन्य भेंट कर प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर ध्यानाकर्षण पत्र सौंपा।
संघ के प्रदेश संयोजक एवं अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साहू ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) दुर्ग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय वाणिज्य व्याख्याता अकादमिक प्रशिक्षण की व्यावहारिक कठिनाइयों को शासन के समक्ष विस्तार से रखा।
43 से 45 डिग्री तापमान में प्रशिक्षण पर सवाल
संघ ने कहा कि वर्तमान में दुर्ग और बालोद सहित पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है और तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है। वहीं 25 मई से नौतपा भी शुरू हो रहा है। ऐसी स्थिति में दूरस्थ क्षेत्रों से शिक्षकों को लंबी दूरी तय कर प्रशिक्षण केंद्रों तक पहुंचना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।
प्रशिक्षण के लिए सेजेस आमापारा बालोद एवं कृष्णा पब्लिक स्कूल भिलाई को केंद्र बनाया गया है।
एक साथ प्रशिक्षण कराने का सुझाव
संघ ने सुझाव दिया कि जनगणना कार्य में लगे और गैर-जनगणना कार्य वाले सभी व्याख्याताओं का प्रशिक्षण जून माह में विद्यालय खुलने के बाद एक साथ आयोजित किया जाए। इससे मौसम भी अनुकूल रहेगा और शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी।
दो चरणों में प्रशिक्षण को बताया वित्तीय बोझ
संघ ने शासन की मितव्ययिता नीति का हवाला देते हुए कहा कि एक ही संकाय का प्रशिक्षण दो अलग-अलग चरणों में आयोजित करने से विभाग पर अतिरिक्त प्रशासनिक एवं वित्तीय बोझ पड़ेगा। साथ ही गर्मी के कारण प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उपस्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
पाठ्यक्रम सुधार का भी दिया सुझाव
संघ ने वाणिज्य संकाय के “औद्योगिक संगठन” विषय में परियोजना कार्य (Project Work) जोड़ने का सुझाव भी दिया, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक लाभ मिल सके और मूल्यांकन प्रणाली में एकरूपता आए।
टॉप-10 में वाणिज्य संकाय का दबदबा
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा की टॉप-10 सूची में वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों ने सर्वाधिक स्थान प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि व्याख्याताओं की मेहनत से शासकीय विद्यालयों में वाणिज्य संकाय के प्रति विद्यार्थियों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।
प्रदेशभर के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
ध्यानाकर्षण कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष ममता वाडदे, प्रदेश सह-उपाध्यक्ष गीता नायर, प्रदेश संचालक खोमन लाल साहू, प्रदेश सचिव विवेक धुर्वे, प्रदेश संरक्षक जगदीश दिल्लीवार सहित विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दुर्ग जिले से दिनेश्वर साहू (जिला अध्यक्ष), एम.के. साहू (जिला उपाध्यक्ष), रजनी, आभा, मोना प्रधान एवं अन्य साथी उपस्थित रहे।
बालोद जिले से विवेक वाडदे (जिला अध्यक्ष), पायल पावर (उपाध्यक्ष), हेमलता पटेल, जागृति देशमुख, दीपाली पाल, रश्मि मानवीय, पूनम दुबे, प्रीति अवस्थी, जे.पी. वर्मा, योगेश ठाकुर, राजेश, भूपेंद्र यादव, श्वेता एवं अनामिका दत्ता उपस्थित रहे।
इसके अलावा अन्य जिलों से अनिता घोरपड़े (जिला अध्यक्ष-धमतरी), मधुसूदन सिंह (जिला अध्यक्ष-बीजापुर), लक्ष्मीनारायण साहू (जिला अध्यक्ष-बेमेतरा), शिवशंकर सिंह (कार्यवाहक जिला अध्यक्ष-बस्तर), रश्मि पटेल (जिला अध्यक्ष-रायपुर), प्रभु भिलाई एवं दिलेश्वरी कुंजाम भी शामिल हुए।
