
डिजिटल जनगणना: डेटा की शुद्धता जांचने खुद जमीन पर उतरे अफसर; सिवनी, हीरापुर और झलमला में हुआ क्रॉस-वेरिफिकेशन
बालोद जिला नोडल अधिकारी श्री यशवर्धन सिंह और फील्ड ट्रेनर्स ने बारीकी से जांचीं मकान सूचीकरण की प्रविष्टियां; मौके पर सुधारने के निर्देश
खास बातें (In-Short):
एक्शन में टीम: नोडल अधिकारी और फील्ड ट्रेनर्स ने प्रगणकों व सुपरवाइजरों के साथ किया सिवनी का सघन दौरा।
ग्राउंड रियलिटी चेक: मोबाइल ऐप में अपलोड हो रहे आंकड़ों का सीधे हितग्राहियों के घरों पर जाकर किया भौतिक सत्यापन।
सख्त हिदायत: कोई भी मजरा, टोला या आश्रित क्षेत्र गणना से छूटा, तो तय होगी सुपरवाइजरों की जिम्मेदारी।

बालोद। राष्ट्रीय जनगणना के महाअभियान को पूरी तरह त्रुटिहीन, पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए जिले का प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी से मैदान में डटा हुआ है। इसी कड़ी में आज जनगणना नोडल अधिकारी बालोद श्री यशवर्धन सिंह जी एवं फील्ड ट्रेनर्स विवेक धुर्वे, आशिफ रिजवी, उमेश साहू,अरविंद यदु की उच्च स्तरीय टीम ने सिवनी, हीरापुर और झलमला ग्रामीण क्षेत्रों का सघन दौरा किया। टीम ने स्थानीय सुपरवाइजरों और प्रगणकों को साथ लेकर मकान सूचीकरण के कार्यों का मौके पर जाकर ‘क्रॉस-वेरिफिकेशन’ (भौतिक सत्यापन) किया।
डिजिटल माध्यम (मोबाइल ऐप) से दर्ज हो रहे इन आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों का यह संयुक्त मैदानी दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीधे हितग्राहियों के बीच पहुंची जांच टीम; इन तीन बिंदुओं पर रहा विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी श्री यशवर्धन सिंह और फील्ड ट्रेनर्स की टीम ने सिवनी सहित तीनों ग्रामों में प्रगणकों द्वारा मोबाइल ऐप और फिजिकल पंजी में फीड किए गए डेटा का बारीकी से मिलान किया। अधिकारियों ने स्वयं ग्रामीणों के घरों के दरवाजे खटखटाए और प्रविष्टियों को क्रॉस-चेक किया। इस दौरान मुख्य रूप से तीन तकनीकी बिंदुओं पर फोकस रहा:
भवन संख्या का मिलान: प्रगणकों द्वारा हर मकान, परिसर और शासकीय भवन पर नियमानुसार चॉक/स्टीकर से जनगणना नंबर दर्ज किया गया है या नहीं।

परिवार का वास्तविक विवरण: ऐप में अपलोड की गई परिवारों की कुल संख्या और मुखिया के नाम का जमीनी स्तर पर मिलान।
प्रकृति का वर्गीकरण: आवासीय , व्यावसायिक अथवा मिश्रित परिसरों की श्रेणियों की ऐप में सही और सटीक एंट्री।
नोडल अधिकारी के कड़े निर्देश: “डेटा से कोई समझौता नहीं”
मौके पर भौतिक सत्यापन के बाद नोडल अधिकारी श्री यशवर्धन सिंह ने उपस्थित सुपरवाइजरों और प्रगणकों की एक समीक्षा बैठक ली और उन्हें आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए:
अक्षरशः पालन: शासन की जनगणना गाइडलाइन का ग्राउंड पर सौ फीसदी पालन सुनिश्चित हो।
समय-सीमा: इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को बिना किसी देरी के निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
शत-प्रतिशत कवरेज: क्षेत्र का कोई भी मोहल्ला, पारा या अंदरूनी इलाके या दूरस्थ मकान इस सूचीकरण से वंचित न रहे, ताकि भविष्य की सरकारी योजनाओं के लिए एक सटीक और विश्वसनीय डेटाबेस तैयार हो सके।

अभियान रहेगा जारी:
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आंकड़ों की शुद्धता को बनाए रखने के लिए जिले के अन्य विकासखंडों और संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी तरह का औचक भौतिक सत्यापन (क्रॉस-वेरिफिकेशन) अभियान लगातार जारी रहेगा।
