DAILY BALOD NEWS

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जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत: आधे गांव में पानी, आधे में सूखा—2 किमी दूर से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण

बालोद। जिले के ग्राम हल्दी में जल जीवन मिशन की स्थिति सवालों के घेरे में है। टंकी बनने के बावजूद ग्रामीणों को पूरी तरह पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे गांव के एक बड़े हिस्से को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आधे गांव में पानी, बाकी हिस्से में संकट

ग्रामीणों के अनुसार, गांव के कुछ हिस्सों में ही नल से पानी पहुंच रहा है, जबकि आधे गांव में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है। इस असमान व्यवस्था के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

2 किलोमीटर दूर से पानी लाने की मजबूरी

पानी की कमी के चलते कई परिवारों को रोजाना 2 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं और बच्चों को इस समस्या का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा है।

टंकी बनी, लेकिन सुविधा अधूरी

ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी तो बना दी गई, लेकिन पाइपलाइन और नियमित सप्लाई की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं की गई। इससे योजना का पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

जिम्मेदारों पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

बड़ा सवाल

  • क्या जल जीवन मिशन का लाभ हर घर तक पहुंचेगा?
  • कब तक ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ेगा?
  • अधूरी योजनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि सभी को समान रूप से पानी की सुविधा मिल सके।

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