बालोद | जिले के पाकुरभाट गांव से एक सराहनीय और मानवीय पहल की खबर सामने आई है, जहां एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए घर से बिछड़ी एक युवती को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
🤝 कार्यकर्ता ने दिया सहारा
जानकारी के अनुसार, पूर्णिमा नाम की एक युवती घर से बिछड़कर पाकुरभाट गांव पहुंच गई थी। उसे भटकते देख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता त्रिवेणी महिलांग उसे अपने घर ले आईं, जहां उन्होंने युवती को बैठाकर भोजन कराया और पूरी देखभाल की।
🚔 प्रशासन और पुलिस को दी सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहीं बालोद थाना पुलिस भी सक्रिय हुई और युवती को सुरक्षित कोतवाली थाना लाया गया।
📍 परिवार से कराया संपर्क
थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा द्वारा पूछताछ में युवती ने बताया कि उसकी एक बहन लिमोरा गांव में रहती है। पुलिस ने तुरंत संपर्क कर युवती को उसकी बहन के पास सुरक्षित पहुंचा दिया।
🌟 मानवता की मिसाल बनी पहल
इस पूरे घटनाक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की तत्परता और संवेदनशीलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि
समाज में आज भी इंसानियत जिंदा है।
