बालोद, निकुम से दिलीप साहू की रिपोर्ट /गुण्डरदेही | प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। गुण्डरदेही अनुविभाग के ग्राम गोड़ेला में एसडीएम के नाम से फर्जी अनुमति पत्र जारी कर अवैध बोर खनन कराए जाने का खुलासा हुआ है।
📄 हूबहू बनाया गया फर्जी लेटर
जानकारी के अनुसार, ग्राम गोड़ेला निवासी जनक लाल साहू ने एसडीएम कार्यालय के नाम से ऐसा फर्जी अनुमति पत्र तैयार किया, जो पूरी तरह असली दस्तावेज जैसा दिखता है।
इतना ही नहीं, पत्र में फर्जी सील-मुहर और आवक-जावक क्रमांक भी अंकित किया गया, जिससे एजेंसी को भ्रमित कर बोर खनन करा लिया गया।
🚫 बिना अनुमति बोर पर है प्रतिबंध
ज्ञात हो कि शासन द्वारा बिना अनुमति बोर खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। विशेष परिस्थितियों में ही एसडीएम कार्यालय से अनुमति दी जाती है, जिसके लिए पूर्व जांच आवश्यक होती है।
🚔 SDM ने दिए FIR के आदेश

मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम ने तुरंत संज्ञान लेते हुए गुण्डरदेही थाने में FIR दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
अब पुलिस यह जांच करेगी कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की करतूत है या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है।
🗣️ SDM का स्पष्ट बयान
एसडीएम प्रतिभा ठाकरे ने कहा—
“गोड़ेला के जनक साहू द्वारा फर्जी अनुमति पत्र बनाने की जानकारी मिलते ही उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं। पत्र और सील दोनों हमारे कार्यालय के नहीं हैं।”
⚠️ बड़ा सवाल
सरकारी दस्तावेजों की इस तरह नकल और दुरुपयोग से प्रशासन की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि जांच में और कौन-कौन सामने आते हैं।
