बालोद | जिले में अवैध लकड़ी तस्करी के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। ग्रामीणों की सूचना के बावजूद लकड़ियों से भरी मेटाडोर को पकड़ने में नाकाम रहने और कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर डिप्टी रेंजर अजय अष्टीकर को निलंबित कर दिया गया है।
🚨 ग्रामीणों ने दी थी सूचना, फिर भी आरोपी फरार
मुख्य वन संरक्षक एम. मर्सीबेला द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 10 अप्रैल को डीएफओ बालोद से प्राप्त प्रतिवेदन में बताया गया कि
ग्राम धोबनी (कुर्लभाट) सीमा मोड़ पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अवैध लकड़ी परिवहन की सूचना दी थी।
सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी दल्ली द्वारा टीम को मौके पर भेजा गया, लेकिन
घटनास्थल पर पहुंचने के बावजूद वन अपराधियों को पकड़ने में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसका फायदा उठाकर चालक वाहन सहित फरार हो गया।
⚖️ डिप्टी रेंजर निलंबित, वनरक्षक पर भी कार्रवाई
इस मामले में:
- डिप्टी रेंजर अजय अष्टीकर को निलंबित किया गया
- वनरक्षक हिमांशु यादव को भी डीएफओ द्वारा सस्पेंड किया गया
साथ ही वनरक्षक की रिपोर्ट पर डौंडी थाने में मेटाडोर मालिक और चालक के खिलाफ धारा 296, 221, 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
🌲 लगातार तस्करी, विभाग पर उठे सवाल
इधर, बालोद ब्लॉक के जगन्नाथपुर-सांकरा क्षेत्र में वर्षों से चल रही लकड़ी तस्करी पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से
वन विभाग और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
⚠️ मिलीभगत का संदेह?
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि
क्या तस्करों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत तो नहीं?
क्योंकि बार-बार शिकायतों के बावजूद अवैध कटाई और परिवहन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
🔍 आगे क्या?
अब देखना होगा कि
उच्च अधिकारियों की यह कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता है या तस्करी के पूरे नेटवर्क पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
