बालोद, 15 अप्रैल 2026। बालोद जिला प्रशासन ने ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी पहल करते हुए ‘बालोद दिनकर परियोजना’ की शुरुआत की है। यह योजना प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत वर्चुअल नेट मीटरिंग मॉडल पर आधारित है, जिसके माध्यम से जिले की 28 ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
1365 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट होंगे स्थापित
इस परियोजना के तहत कुल 1365 केडब्ल्यूपी क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।
इसे ग्राम पंचायत स्तर पर ‘सौर शक्ति प्रकल्प’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
क्या है वर्चुअल नेट मीटरिंग मॉडल?
वर्चुअल नेट मीटरिंग के तहत:
- सोलर प्लांट किसी एक स्थान पर लगाकर कई कनेक्शनों की बिजली जरूरत पूरी की जा सकती है
- प्लांट का उसी परिसर में होना जरूरी नहीं, बल्कि सीएसपीडीसीएल क्षेत्र में कहीं भी स्थापित किया जा सकता है
- इससे सरकारी भवनों की बिजली खपत की भरपाई सौर ऊर्जा से होगी
सरकारी संस्थानों को मिलेगा सीधा लाभ
परियोजना के तहत इन व्यवस्थाओं में बिजली खर्च कम होगा:
नल-जल योजना, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक शौचालय, स्कूल, छात्रावास, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस थाना, धान संग्रहण केंद्र, सामुदायिक भवन सहित अन्य सरकारी कार्यालय।
14 लाख यूनिट बिजली की बचत, करोड़ों की बचत संभव
इस योजना से:
- प्रतिवर्ष 14,27,640 यूनिट बिजली की बचत होगी
- सालाना लगभग ₹91.20 लाख की बचत होगी
- अगले 25 वर्षों में करीब ₹22.79 करोड़ की बचत का अनुमान है
परियोजना की कुल लागत ₹10.98 करोड़ है, जो लगभग 12 वर्षों में वसूल हो जाएगी।
सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनेंगे गांव
यह परियोजना न केवल बिजली खर्च कम करेगी, बल्कि
ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
बालोद दिनकर परियोजना से जिले में स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
