
बालोद/डौंडी। विकासखंड डौंडी के सभी 35 संकुलों के 216 स्कूलों में 11 अप्रैल 2026 को जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी एवं जिला समन्वयक अवन कुमार जांगड़े के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
‘वॉटर बेल’ से बच्चों को पानी पीने की आदत

कार्यक्रम के तहत स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ (Water Bell) की शुरुआत की गई।
दिन में दो-तीन बार विशेष घंटी बजाई जाती है, जिससे सभी विद्यार्थी अपनी पानी की बोतल से पानी पीते हैं।
👉 इससे बच्चे हाइड्रेटेड रहते हैं और पानी की बर्बादी भी रुकती है।
बचे हुए पानी का उपयोग

छात्रों द्वारा बोतलों में बचे पानी को फेंकने की बजाय एकत्र करने के लिए स्कूलों में जल पात्र/बाल्टी रखी गई।
इस पानी का उपयोग माली द्वारा पौधों की सिंचाई में किया जा रहा है, जिससे पानी का सही उपयोग सुनिश्चित हो रहा है।
‘जल प्रहरी’ निभा रहे जिम्मेदारी
स्कूलों में छात्रों की एक टीम ‘जल प्रहरी’ बनाई गई है, जिनकी जिम्मेदारी है—
- खुले नलों की जांच करना
- पानी की लीकेज पर नजर रखना
- जल संरक्षण के प्रति अन्य छात्रों को जागरूक करना
जागरूकता से बदल रही सोच
कार्यक्रम की शुरुआत नारा वाचन से हुई, इसके बाद विद्यार्थियों ने जल संरक्षण पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस पहल से बच्चों में संसाधन संरक्षण की भावना विकसित हो रही है, जो आगे चलकर समाज में भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार चतुर्वेदी, बीआरसीसी सच्चिदानंद शर्मा, संकुल समन्वयक, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य एवं गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
👉 संदेश स्पष्ट है — “जल है तो कल है, और इसकी बचत ही इसका हल है।”
