📍 बालोद
नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद द्वारा दिए गए निर्णय (दिनांक 28/03/2026) में आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए दंडित किया गया।
🔴 आरोपी को विभिन्न धाराओं में सजा
न्यायालय ने आरोपी तेजप्रकाश किसाने (उम्र 23 वर्ष, निवासी बगदई, थाना गुरूर, जिला बालोद) को—
- धारा 363 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड
- धारा 366 के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड
- पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
📌 मामले की पूरी घटना
विशेष लोक अभियोजक के अनुसार, 11 फरवरी 2019 को नाबालिग पीड़िता स्कूल के बाद अपनी मौसी के घर गई थी, लेकिन 12 फरवरी को स्कूल जाने के लिए निकली और वापस नहीं लौटी।
परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद 15 फरवरी 2019 को थाना डौंडी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 363 के तहत मामला दर्ज किया।
🔍 जांच में हुआ बड़ा खुलासा
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने पीड़िता को आरोपी के कब्जे से बरामद किया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसे हैदराबाद ले जाकर मंदिर में जबरन शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए।
इसके बाद पुलिस ने धारा 363, 366, 376(2)(ढ) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की।
👮 जांच और साक्ष्य के आधार पर सजा
पूरी विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया, जहां साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई गई।
⚠️ कड़ा संदेश
इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए सख्त चेतावनी माना जा रहा है कि ऐसे अपराधों पर कानून किसी भी प्रकार की ढील नहीं देगा।
