बालोद, 24 मार्च 2026। आम जनता की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूरे प्रदेश में ‘राजस्व पखवाड़ा’ शिविर आयोजित किए जाएंगे। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
तीन चरणों में होगा आयोजन
राजस्व पखवाड़ा अप्रैल से जून तक तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा—
- पहला चरण: 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026
- दूसरा चरण: 04 मई से 18 मई 2026
- तीसरा चरण: 01 जून से 15 जून 2026
इन मामलों का होगा प्राथमिकता से निराकरण
शिविरों में अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बंटाकन, व्यपवर्तन, वृक्ष कटाई जैसे लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा।
इसके साथ ही भूमिस्वामी खातों में आधार, मोबाइल नंबर, किसान किताब और जेंडर प्रविष्टि भी पूर्ण की जाएगी।
ग्रामीणों को मौके पर मिलेगा समाधान
शिविर स्थल पर ही फौती नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख त्रुटि सुधार, बी-1, खसरा और किसान किताब से जुड़े आवेदनों का तत्काल निराकरण किया जाएगा।
साथ ही आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के आवेदन भी लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज कर समय-सीमा में निपटाए जाएंगे।
फसल क्षति और आपदा प्रकरणों पर भी फोकस
आर.बी.सी. 6-4 के तहत जनहानि, फसल क्षति और पशु हानि से जुड़े मामलों का भी तेजी से निराकरण किया जाएगा।
इसके अलावा भू-अर्जन से जुड़े प्रकरणों और सेवा शुल्क की जानकारी को भी अद्यतन किया जाएगा।
ग्राम स्तर पर होगा व्यापक प्रचार-प्रसार
राजस्व पखवाड़ा शिविरों की जानकारी हर गांव तक पहुंचाने के लिए कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें।
निष्कर्ष
राज्य सरकार का यह विशेष अभियान आम नागरिकों को राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे वर्षों से लंबित राजस्व मामलों का समाधान तेजी से संभव हो सकेगा और ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं का लाभ सीधे उनके क्षेत्र में ही मिल पाएगा।
