बालोद, 24 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत बुधवार 25 मार्च को ऐतिहासिक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री प्रदेश के लगभग 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन परिवारों को करीब 495 करोड़ 96 लाख रुपये (लगभग 500 करोड़) की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित करेंगे।
बालोद में जिला स्तरीय कार्यक्रम
इस अवसर पर बालोद जिले के संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में सुबह 10:30 बजे जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में हितग्राही शामिल होंगे।
बैगा-गुनिया परिवारों को भी मिलेगा लाभ
योजना के अंतर्गत इस वर्ष 22,028 बैगा एवं गुनिया परिवारों को भी शामिल किया गया है, जो राज्य की पारंपरिक और सांस्कृतिक धरोहर के संवाहक माने जाते हैं। सरकार द्वारा इन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
हर हितग्राही को मिलेंगे 10 हजार रुपये
योजना के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही को 10,000 रुपये वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। पहले यह राशि 7,000 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 10,000 रुपये कर दिया गया है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को अधिक राहत मिलेगी।
पिछले वर्ष भी मिला था बड़ा लाभ
वर्ष 2025 में भी इस योजना के अंतर्गत 5,62,112 हितग्राहियों को लगभग 562 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई थी, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आर्थिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
यह योजना उन भूमिहीन परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिनकी आजीविका मजदूरी पर निर्भर है। इस आर्थिक सहायता से वे अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को बिना कर्ज के पूरा कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री करेंगे वर्चुअल संवाद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से जुड़कर लाभान्वित हितग्राहियों से सीधा संवाद करेंगे और योजना से जुड़े अनुभव भी जानेंगे।
इन वर्गों को मिलेगा सीधा लाभ
इस योजना के अंतर्गत विशेष रूप से महिलाओं, बैगा, पुजारी, चरवाहा, बढ़ई सहित भूमिहीन कृषि मजदूरों को लाभ प्रदान किया जाएगा। बालोद जिले के 16,488 हितग्राहियों को इस योजना से सीधा फायदा मिलेगा।
तैयारियों को लेकर प्रशासन सक्रिय
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने संबंधित विभागों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
निष्कर्ष
यह पहल सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का सशक्त प्रयास है। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
