बालोद – रेबीज बचाव पर क्षमता वर्धन कार्यशाला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से अन्नपूर्णा सभागार में हुआ। जिसमें CMHO डॉ जेपी मेश्राम, DSO डॉ. संजीव ग्लैड, DPM डॉ. भूमिका वर्मा, IMA जिलाध्यक्ष डॉ . प्रदीप जैन, IMA सचिव डॉ. ए वी महेश्वर एवं निजी चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण ज़िला महामारी विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र गंजीर ने दिया उन्होंने बताया इस अभियान व कार्यशाला का उद्देश्य ज़िले में भारत सरकार के नवीन 4 डोज़ इंट्रा डर्मल इंजेक्शन को बढ़ावा देना है।

किसी भी जानवरो के काटने से रेबीज हो सकता है। विष्णु जनित 100% घातक रोग है। संक्रमित जानवरो के लार व नाखूनों के संपर्क में आने से फैलता है। वर्तमान में इसका कोई उपचार नहीं है। केवल बचाव हेतु टीकाकरण उपलब्ध है। ज़िले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में टीका निःशुल्क उप्लब्ध है। निजी अस्पतालों में भी अब 5 के जगह 4 डोज पद्धति शुरू होगा।

