DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

नारी सशक्तिकरण दिवस पर स्नेह मिलन व ब्रह्मा भोजन का आयोजन

बालोद। नारी सशक्तिकरण दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज आत्मज्ञान भवन, आमापारा बालोद में 8 मार्च को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के अतिथियों सहित बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारीज से जुड़े भाई-बहनों ने भाग लिया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से शेर बहादुर ठाकुर (डीएसपी, थाना भानुप्रतापपुर), हरीशकांत ध्रुव (तहसीलदार, कोमाखान बागबाहरा), अशोक कुमार कश्यप (एडवोकेट, बालोद), गीता ठाकुर (व्याख्याता), नीलम ठाकुर, मोनिका ठाकुर, ब्रह्माकुमारीज की संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी एवं बी.के. सरिता दीदी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बी.के. नेहा दीदी ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज बालोद की मुख्य संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी ने कहा कि नारी परिवार की धुरी होती है। एक मां अपने बच्चों को गर्भ में धारण कर उन्हें संस्कार देती है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज समाज में यह आवश्यक है कि हम अपने माता-पिता की सेवा करें और उनके आशीर्वाद को जीवन में महत्व दें।

उन्होंने कहा कि माताओं में सहनशीलता की अद्भुत शक्ति होती है, जिससे वे विषम परिस्थितियों को भी सहन कर लेती हैं। किंतु इसके साथ ही उन्हें अपने भीतर दृढ़ मनोबल भी विकसित करना चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। उन्होंने बताया कि राजयोग ध्यान के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक बदलाव ला सकता है और ब्रह्माकुमारीज में इसकी निःशुल्क शिक्षा प्रतिदिन दी जाती है।

बी.के. सरिता दीदी ने परमात्मा का संदेश देते हुए कहा कि परमात्मा अजन्मा, सर्वोच्च, सर्वज्ञ और सर्व गुणों का भंडार है। वह निराकार शिव है जिसे सभी धर्मों के लोग मानते हैं।

कार्यक्रम में डीएसपी शेर बहादुर ठाकुर ने कहा कि जीवन में सत्संग का बहुत महत्व होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी राजयोग मेडिटेशन का मन और शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक दबाव न डालते हुए उन्हें नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

हरीश ठाकुर ने कहा कि संस्था के संपर्क में आने से उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से शांति और सुख का अनुभव हुआ है। वहीं अशोक कुमार कश्यप ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था की बहनें समाज में सेवा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का सराहनीय कार्य कर रही हैं।

गीता ठाकुर ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों का सामना करने और मनोबल बढ़ाने में ब्रह्माकुमारीज में सिखाए जाने वाले राजयोग का उनके जीवन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वहीं नीलम ठाकुर ने कहा कि इस संस्था में आकर उन्होंने जीवन जीने की कला सीखी है, जहां अशांत वातावरण में भी शांत और स्थिर रहना सिखाया जाता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर बालोद के ब्रह्माकुमारीज से जुड़े बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्स कार्यक्रम में शामिल हुए।

You cannot copy content of this page