बोर्ड कॉपियों के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण



बालोद। माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय बालोद में मूल्यांकन उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मूल्यांकन केंद्र अधिकारी अरुण कुमार साहू ने उपस्थित मुख्य परीक्षक एवं उपमुख्य परीक्षकों को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि मूल्यांकन कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण, गोपनीय एवं जिम्मेदारीपूर्ण दायित्व है। मूल्यांकनकर्ता अपने निष्पक्ष निर्णय एवं सूक्ष्म निरीक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी मूल्यांकनकर्ताओं से बोर्ड द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मापदंडों का पालन करते हुए मूल्यांकन कार्य की विश्वसनीयता बनाए रखने की अपील की, ताकि पुनर्मूल्यांकन एवं पुनर्गणना के प्रकरणों में कमी लाई जा सके।

कार्यक्रम का उद्देश्य मूल्यांकन की तकनीकों एवं सिद्धांतों से परीक्षकों को परिचित कराना था, ताकि प्रशिक्षण के अनुरूप गुणवत्ता युक्त एवं त्रुटिरहित मूल्यांकन कार्य किया जा सके। मूल्यांकन कार्य को गंभीरता, ईमानदारी, निष्पक्षता एवं संवेदनशीलता के साथ संपन्न करने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान मूल्यांकन प्रक्रिया में समयबद्धता, पारदर्शिता एवं गोपनीयता बनाए रखने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही परीक्षकों को उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों से बचने, अंक प्रदान करने की सही पद्धति अपनाने तथा मूल्यांकन की एकरूपता बनाए रखने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।

इसके अलावा उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित संधारण, गोपनीयता बनाए रखने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर मूल्यांकन कार्य पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। मूल्यांकन केंद्र में कार्य के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध रखने की जानकारी भी दी गई।

जिला शिक्षा अधिकारी बालोद के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से मूल्यांकन कार्य की गोपनीयता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित मूल्यांकनकर्ताओं ने बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मूल्यांकन की निष्पक्षता एवं गुणवत्ता बनाए रखने का संकल्प लिया।

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