DAILY BALOD NEWS

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देखिए अंदर की कहानी: सुबह 3:58 बजे ‘विश्वास’ नाम से आया था ई-मेल, दोपहर 1 बजे धमाके की दी थी चेतावनी; छत्तीसगढ़ में बढ़ रहा ऐसी धमकियों का सिलसिला

बालोद कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी अफवाह निकली, तीन घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन

बालोद। बालोद जिला एवं सत्र न्यायालय को सोमवार को ई-मेल के माध्यम से मिली बम से उड़ाने की धमकी आखिरकार अफवाह साबित हुई। करीब तीन घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद बम स्क्वायड और पुलिस टीम को न्यायालय परिसर में किसी भी प्रकार का बम या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने स्थिति सामान्य होने की पुष्टि की, जिससे कोर्ट परिसर और आसपास मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

सुबह 3:58 बजे आया धमकी भरा ई-मेल

जानकारी के अनुसार न्यायालय को धमकी भरा ई-मेल सुबह करीब 3:58बजे प्राप्त हुआ था। सुबह जब कोर्ट प्रबंधन को इस मेल की जानकारी मिली तो तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। यह ई-मेल ‘विश्वास’ नाम के अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजा गया था। मेल में लिखा गया था कि ड्रोन के माध्यम से कोर्ट परिसर में बम छिपाया गया है और दोपहर 1 बजे उसे विस्फोट कर दिया जाएगा।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर न्यायालय परिसर को खाली कराया गया और न्यायाधीशों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों को बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की गई।

तीन घंटे चला सर्च ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची और पूरे न्यायालय परिसर के साथ आसपास के इलाके की सघन जांच की गई। करीब तीन घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बना रहा।

एएसपी मोनिका ठाकुर ने डेली बालोद न्यूज़ से चर्चा में बताया कि जांच के दौरान कहीं भी कोई बम या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यह धमकी फिलहाल अफवाह साबित हुई है। साथ ही ई-मेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में बालोद थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और साइबर सेल की मदद से जांच जारी है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ रहा धमकी का ट्रेंड

पिछले कुछ समय में छत्तीसगढ़ के कई न्यायालयों को इसी तरह ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। मार्च 2026 में बालोद के साथ ही बेमेतरा जिला कोर्ट को भी धमकी भरा ई-मेल मिला था। इससे पहले फरवरी 2026 में बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद वहां भी तलाशी अभियान चलाया गया था।

इसके अलावा जनवरी 2026 में अंबिकापुर (सरगुजा), जगदलपुर (बस्तर), राजनांदगांव और दुर्ग जिला अदालतों को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल मिले थे। हर बार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अब तक सभी मामले झूठे यानी होक्स (Hoax) ही साबित हुए हैं।

2025 में भी हाईकोर्ट को मिली थी धमकी

इस तरह की घटनाएं केवल हाल के महीनों तक सीमित नहीं हैं। जून 2025 में भी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (बिलासपुर) को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था, लेकिन बाद में वह धमकी भी फर्जी निकली।

साइबर अपराधियों तक पहुंचना चुनौती

पुलिस और साइबर सेल इन ई-मेल के पीछे के आरोपियों का पता लगाने में जुटी रहती है, लेकिन कई मामलों में फर्जी ई-मेल आईडी, वीपीएन और विदेशी सर्वर के इस्तेमाल के कारण अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता है। यही वजह है कि अब तक ऐसे कई मामलों में धमकी देने वाले लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है।

दहशत फैलाने का नया तरीका

विशेषज्ञों का मानना है कि अदालतों जैसे संवेदनशील संस्थानों को निशाना बनाकर झूठी धमकियां देना दहशत फैलाने का नया तरीका बनता जा रहा है। इससे प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट रहना पड़ता है और हर बार बड़े स्तर पर सुरक्षा जांच करनी पड़ती है।

फिलहाल बालोद मामले में पुलिस और साइबर टीम ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति का पता लगाने में जुटी हुई है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जा सके।

देखिए वीडियो बालोद में बम मामले में पुलिस प्रशासन ने क्या कहा?

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