जु-जित्सु में नूतन कुमार ने कोच/रेफरी ग्रेड-A परीक्षा पास की, 32 मेडल के साथ रचा नया मुकाम



बालोद। जु-जित्सू एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ द्वारा 28 फरवरी और 1 मार्च को कोच/रेफरी प्रशिक्षण एवं परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से सीनियर फाइटर्स ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण एवं परीक्षा में बालोद जिले के ग्राम निपानी निवासी नूतन कुमार ने सफलतापूर्वक कोच/रेफरी ग्रेड-A की परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया। प्रशिक्षण के दौरान सेंसुई अजय सिंह राणा (सेक्रेटरी), सेंसुई सुरेश प्रसाद शांडिल्य (ट्रेजरार एवं चेयरमैन रेफरी काउंसिल) सहित नेशनल रेफरी एवं अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी मास्टर्स राहुल, देवा, शिव, अनुज और वसुंधरा मैम ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया और परीक्षा ली।

नूतन कुमार ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका वे पूरी निष्ठा से पालन करेंगे और छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का प्रयास करेंगे।

नूतन कुमार के खेल सफर की बात करें तो उन्होंने अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में कुल 32 पदक हासिल किए हैं, जिनमें स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक शामिल हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी खेल, ओपन खेल, क्रॉस कंट्री और मार्शल आर्ट प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय स्तर तक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

नूतन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार, गुरुजनों और ग्रामवासियों के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने विशेष रूप से अपने गुरु सेंसुई एस.पी. शांडिल्य को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से ही वे इस खेल में पारंगत हो सके। उन्होंने अपने प्रैक्टिस पार्टनर बालोद क्लब के नेशनल प्लेयर लिलेश्वर ठाकुर (ग्राम झलमला निवासी) का भी सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

खेल के साथ-साथ नूतन कुमार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने इंजीनियरिंग, पोस्ट ग्रेजुएशन, फिजिकल ट्रेनिंग, फिजिकल एजुकेशन तथा कंप्यूटर की पढ़ाई पूरी की है। प्रशिक्षक के रूप में भी उन्होंने कई बच्चों को जु-जित्सु मार्शल आर्ट में प्रशिक्षित किया है, जिनमें से कई खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त किए हैं।

नूतन कुमार ने बताया कि वे इस वर्ष से गुरूर क्षेत्र में अपना मार्शल आर्ट क्लब भी शुरू करने जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के बच्चों को प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। उन्होंने युवाओं और बच्चों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर इस खेल में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जु-जित्सु केवल खेल ही नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, नैतिक शिक्षा और आत्मरक्षा भी सिखाता है, जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

You cannot copy content of this page