अर्जुन्दा/बालोद | भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा “माय भारत” के अंतर्गत आयोजित अंतर-जिला युवा आदान-प्रदान (विनिमय) कार्यक्रम में बालोद जिले के युवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। यह कार्यक्रम 19 जनवरी से 23 जनवरी तक रायगढ़ के उत्सव मैरिज गार्डन में पांच दिवसीय रूप में संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न जिलों और समुदायों की संस्कृति, कला, खेल, और स्थानीय परंपराओं से परिचित कराना तथा उनके नेतृत्व, संचार और समस्या-समाधान कौशल को विकसित करना था। बालोद और दुर्ग जिले के कुल 37 युवाओं ने रायगढ़ के युवाओं के साथ सांस्कृतिक, खेलकूद और कार्यशालाओं में भाग लिया।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने कैरियर गाइडेंस, साइबर क्राइम सुरक्षा, कैलिपर्स आर्ट, वित्तीय साक्षरता, मानसिक स्वास्थ्य, फाइलेरिया मुक्त भारत आदि विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
शैक्षणिक और सांस्कृतिक भ्रमण
बालोद के युवाओं ने रायगढ़ जिले के प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया। इसमें झारा शिल्प कला, डोकरा आर्ट, केलो डेम की प्राकृतिक सुंदरता, कोसमनारा में सत्यनारायण बाबा जी की तपस्या स्थल, अडानी पावर प्लांट, कोल माइंस औद्योगिक क्षेत्र, मां चंद्रहासिनी मंदिर, खाटू श्याम मंदिर, इंदिरा विहार, रानी महल और कृषि विज्ञान केंद्र शामिल थे।
सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बालोद जिले के
राकेश कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
बालोद जिले का प्रतिनिधित्व
बालोद जिले के प्रतिनिधि प्रतिभागियों में राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय पुरस्कृत श्रेष्ठ स्वयंसेवक यशवंत कुमार टंडन, वरिष्ठ स्वयंसेवक राकेश कुमार, भानु प्रकाश देशमुख, शुभम् देशमुख, मोनिका देशमुख, खेमेश्वरी चौधरी शामिल रहे। इन युवाओं ने बालोद जिले और शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुन्दा का सफल प्रतिनिधित्व किया।
कार्यक्रम में सभी युवाओं को जिला युवा अधिकारी वसुंधरा साहू द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनोज श्रीवास्तव, महान कलाविद कैलिपर्स आर्ट, और नवीन दुबे का भी विशेष योगदान रहा।
यह कार्यक्रम युवाओं के लिए अनुभव और प्रेरणा का अनोखा अवसर साबित हुआ, जिसने उन्हें कौशल विकास और सांस्कृतिक समझ के साथ नई मित्रता और नेतृत्व क्षमता का अनुभव प्रदान किया।
