बालोद जिले का बढ़ाया मान, यातायात जागरूकता में निभाई अहम भूमिका
रायपुर/ बालोद। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य, परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता तथा रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, बालोद के व्याख्याता एवं डीओसी (स्काउट) नेमसिंह साहू को सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। नेमसिंह साहू ने अपने विद्यालय के रोवर्स एवं रेंजर्स दल के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा सप्ताह में आमजन को यातायात नियमों के पालन हेतु प्रेरित किया।
उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों एवं पीछे बैठने वाले यात्रियों को हेलमेट पहनने, कार में सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, बाइक पर तीन सवारी न चलाने तथा व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके साथ ही यातायात जागरूकता को लेकर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन कर लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान एक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले सभी प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा पुरस्कार स्वरूप हेलमेट प्रदान किए गए।
सम्मान प्राप्त होने पर नेमसिंह साहू ने राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत खालसा, राज्य सचिव जितेंद्र साहू, जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी, जिला सचिव के.एल. गजेंद्र, डीओसी गाइड प्रेमलता चंद्राकर सहित राज्य एवं जिला स्तर के समस्त पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस कार्यक्रम में बालोद जिले के वे विद्यालय भी शामिल रहे, जिनके छात्र सड़क सुरक्षा सप्ताह में सक्रिय रूप से सहभागी बने। इसमें 17 स्काउट/रोवर, 20 गाइड/रेंजर एवं 4 प्रभारी शिक्षकों सहित कुल 41 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रभारी शिक्षकों में तनुजा बंजारे (प्रधान पाठक, कन्या आश्रम डौंडी), गायत्री देवांगन (व्याख्याता, डौंडी) तथा नेमीचंद बढ़ाई (व्याख्याता, विवेकानंद हाई स्कूल डौंडी) को भी सम्मानित किया गया।
बालोद जिले के प्रतिनिधियों को राज्य स्तर पर सम्मान मिलने पर जिला संघ बालोद के समस्त पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया।
