संजय साहू, अंडा। शैलदेवी महाविद्यालय, अंडा (जिला–दुर्ग, छत्तीसगढ़) में 29 से 31 जनवरी 2026 तक सनातन धर्म के सर्वोच्च एवं सार्वभौम धर्मगुरु, ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ, पुरी पीठाधीश्वर, अनन्त श्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती महाराज के पावन सान्निध्य में त्रि-दिवसीय दीक्षा, दर्शन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय “भारतीय ज्ञान परंपरा : विज्ञान और वेदान्त का संवाद” रखा गया है, जो समकालीन शैक्षणिक, बौद्धिक एवं दार्शनिक विमर्श की दृष्टि से अत्यंत प्रासंगिक है। संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा की वैज्ञानिक चेतना, वैदिक–वेदान्तिक दृष्टि और आधुनिक विज्ञान के मध्य सार्थक संवाद स्थापित करना है, जिससे शिक्षा, शोध, समाज और राष्ट्र को संतुलित एवं मूल्य-आधारित दिशा मिल सके।
इस गरिमामय आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. संजय तिवारी, कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग उपस्थित रहेंगे। वहीं विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रो. अरुण दिवाकर नाथ बाजपेयी, कुलपति, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर; डॉ. संदीप अवस्थी (शिक्षाविद, प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, हिंदी एवं शिक्षा विभाग, बी.यू. विश्वविद्यालय, राजस्थान; संपादक—अंतरराष्ट्रीय शोध जर्नल नव अन्वेषक), डॉ. उत्तम द्विवेदी (एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, गणित विभाग, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, रीवा, मध्यप्रदेश) तथा डॉ. ओंकार लाल श्रीवास्तव (विभागाध्यक्ष, गणित विभाग, शासकीय कमलादेवी राठी महिला पी.जी. कॉलेज, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़) सहित देशभर के अनेक प्रतिष्ठित विद्वान, शिक्षाविद् और शोधार्थी सहभागिता करते हुए शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे।
इस आयोजन की विशेषता यह है कि संगोष्ठी जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती महाराज के दिव्य सान्निध्य में सम्पन्न होगी। उनके दर्शन, दीक्षा और वैचारिक मार्गदर्शन से यह आयोजन केवल अकादमिक न रहकर आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रबोधात्मक महोत्सव का स्वरूप ग्रहण करेगा।
शैलदेवी महाविद्यालय द्वारा आयोजित यह त्रि-दिवसीय कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और आधुनिक संदर्भों में पुनर्प्रतिष्ठा की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं समाज के लिए चिंतन, आत्मबोध और वैचारिक संवाद का दुर्लभ अवसर प्रदान करेगा।
शैलदेवी महाविद्यालय आयोजन समिति ने समस्त शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा धर्म–संस्कृति प्रेमी जनों से इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता कर जगद्गुरु के पावन सान्निध्य और विद्वानों के ज्ञान-विमर्श से लाभान्वित होने का विनम्र आग्रह किया है।
शैलदेवी महाविद्यालय में आज से ज्ञान, दर्शन और दीक्षा का महोत्सव, जगद्गुरु शंकराचार्य निश्चलानन्द सरस्वती के सान्निध्य में होगी त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
