
बालोद। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम गुरामी के जंगल में मिली महिला की सड़ी-गली लाश की गुत्थी को आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया है। यह सनसनीखेज हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि महिला के प्रेमी ने ही की थी। हत्या के पीछे वजह प्रेम प्रसंग, चरित्र पर शक और शराब के नशे में हुआ विवाद बताया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका 35 वर्षीय कमलाबाई राजपूत, निवासी बुढ़ापारा, बालोद और आरोपी नेमीचंद साहू, निवासी तरौद, के बीच बीते कुछ वर्षों से प्रेम संबंध थे।

16 जनवरी को दोनों गुरामी डैम साइड घूमने गए थे। इसी दौरान आरोपी ने शराब पी और कमला पर दूसरे लोगों से बात करने का शक जताते हुए शादी को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोपी ने गुस्से और आवेश में पहले महिला का गला घोंटा, फिर यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह जीवित न बचे, एक बड़े पत्थर से सिर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद लाश को जंगल की झाड़ियों और पत्थरों के बीच छोड़कर आरोपी मौके से फरार हो गया। हत्या के बाद आरोपी रोजमर्रा की तरह मजदूरी करने ट्रेन से मरौदा चला गया। इस दौरान वह मृतका का मोबाइल अपने पास रखे रहा। परिजन जब कमला के मोबाइल पर बार-बार कॉल कर रहे थे तो वह फोन रिसीव नहीं कर रहा था। बाद में कॉल ज्यादा आने पर आरोपी ने मोबाइल और सिम कार्ड तोड़कर फेंक दिया। इधर शनिवार को गुरामी गांव के जंगल से दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम को एक महिला की बुरी तरह सड़ी लाश मिली, जिसकी पहचान मुश्किल थी। सोशल मीडिया में तस्वीरें जारी की गईं। इसी दौरान बुढ़ापारा, बालोद निवासी मृतका के भाई को कलाई पर बने “KL” टैटू से शंका हुई। घटनास्थल पर पहुंचकर टैटू के आधार पर उसने अपनी बहन कमलाबाई राजपूत की पहचान की। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मृतका के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली, जिससे कड़ियां जुड़ती चली गईं। संदेह के आधार पर नेमीचंद साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपराध कबूल कर लिया। डौंडीलोहारा पुलिस, साइबर सेल और फॉरेंसिक टीम की संयुक्त कार्रवाई से यह अंधा हत्याकांड सुलझ गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटा लिए हैं और जल्द ही पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किए जाने की बात कही है। प्रथम दृष्टया मामला प्रेम-प्रसंग में शक के चलते की गई सुनियोजित हत्या का प्रतीत होता है।

