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कांग्रेस का सरकार पर तीखा प्रहार: 5 दिन शेष और जिले के 13 हजार किसान नहीं बेच पाए हैं धान, खरीदी को लेकर मचा है हाहाकार

विधायक संगीता सिन्हा बोलीं—टोकन, गिरदावरी और रकबा समर्पण के नाम पर किसानों का शोषण

बालोद। जिला कांग्रेस कमेटी, बालोद द्वारा 24 जनवरी 2026 को जिला कांग्रेस भवन में धान खरीदी व्यवस्था की बदहाली को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण जिले का किसान आज सबसे ज्यादा परेशान है।
13 हजार से अधिक किसान अब भी धान बेचने से वंचित
विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि धान खरीदी की समय-सीमा समाप्त होने में अब केवल पांच दिन शेष हैं, लेकिन इसके बावजूद जिले में 13 हजार से अधिक किसान आज भी अपना धान बेच नहीं पाए हैं। यह सरकार की किसान विरोधी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
एक क्विंटल की लिमिट, टोकन काटने से इनकार
उन्होंने बताया कि कई सहकारी समितियों में धान खरीदी की लिमिट घटाकर मात्र एक क्विंटल कर दी गई है। जिन किसानों का सत्यापन पहले ही हो चुका है, उनके दूसरे और तीसरे टोकन नहीं काटे जा रहे हैं। कई खरीदी केंद्रों में तो पूरी तरह से धान खरीदी बंद कर दी गई है, जिससे किसान अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
धान खरीदी में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली के आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि धान खरीदी के नाम पर किसानों से अवैध वसूली की जा रही है। डौंडी ब्लॉक में आरईओ के निलंबन का मामला इसका स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि स्वयं भाजपा के नेता भी किसानों की परेशानी को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार की व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है।
गलत गिरदावरी से किसानों को नुकसान
प्रेस वार्ता में गिरदावरी की गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए विधायक ने कहा कि लिमोरा, मुजगहन सहित कई गांवों में किसानों का वास्तविक रकबा कम दर्शा दिया गया है। गलत गिरदावरी के कारण किसान धान नहीं बेच पा रहे हैं और अब कई किसान हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
एक लाख 20 हजार किसानों का जबरन रकबा समर्पण
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक रकबा समर्पण बालोद जिले में कराया गया है। एक लाख 20 हजार से अधिक किसानों का रकबा समर्पण कराया गया, वह भी दबाव बनाकर। घर-घर जाकर किसानों को चोर की तरह पेश किया गया। विधायक ने सवाल उठाया कि सरकार आखिर किसानों को कहां ले जाना चाहती है।
धान परिवहन में भी बड़ी लापरवाही
धान परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा कि अत्याधुनिक जीपीएस सिस्टम लगे होने के बावजूद कोडेवा धान खरीदी केंद्र से मलिघोरी संग्रहण केंद्र के लिए रवाना हुआ 900 बोरा धान से भरा ट्रक चार दिनों तक लापता रहा और बाद में बड़भूम के जंगल में लावारिस हालत में मिला। यह पूरे सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी है।
आंदोलन की चेतावनी


प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि धान खरीदी व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी किसान हित में सड़क से सदन तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।

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