बालोद। शासकीय प्राथमिक शाला गंजपारा बालोद में आज बसंत पंचमी का पर्व बड़े हर्ष, उल्लास एवं धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को पीले पुष्पों एवं आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण बसंती रंग में रंग गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती, विद्या की देवी, की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी मोहनी यादव विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान, विद्या एवं संस्कारों के विकास का प्रतीक पर्व है। माँ सरस्वती की कृपा से ही मानव जीवन में विद्या, विवेक और सच्चे ज्ञान का संचार होता है।
प्रधान पाठक भगवती सिन्हा ने विद्यार्थियों को बसंत पंचमी का महत्व बताते हुए कहा कि यह पर्व केवल प्रकृति के नवजागरण का प्रतीक ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों के प्रति हमारी आस्था को भी सुदृढ़ करता है। उन्होंने माँ सरस्वती की आराधना के माध्यम से बच्चों को ज्ञान एवं सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में शिक्षक राकेश कुमार भेड़िया, लीना देहारी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष किरण कौशिक, उपाध्यक्ष राज बाई सहित सदस्य कांति, केशवरी साहू, चंद्रकला, निर्मला साहू, भावना, सुषमा, शिव कुमारी, नेमा तथा अमन की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने माँ सरस्वती की आरती कर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, गीत एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। “या कुंदेन्दुतुषारहारधवला” के सामूहिक उच्चारण से विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा। पीले वस्त्रों में सजे बच्चों ने पूरे विद्यालय को बसंतमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
शासकीय प्राथमिक शाला गंजपारा बालोद में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई बसंत पंचमी
