DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

शंकराचार्य को शाही स्नान से रोकना सनातन धर्म पर सीधा हमला, भाजपा का पाखंडी हिन्दुत्व बेनकाब – चंद्रेश हिरवानी

शंकराचार्य के अपमान की कांग्रेस ने की कड़ी निंदा
बालोद। जिला कांग्रेस कमेटी बालोद ने प्रयागराज माघ मेले में जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने एवं उनके साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है। कांग्रेस ने इसे सनातन धर्म की अखंड परंपराओं का घोर अपमान बताया है।
हिंदुओं के नाम पर राजनीति, संतों का अपमान – कांग्रेस अध्यक्ष
जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि खुद को हिंदुओं का मसीहा बताने वाली भाजपा सरकार आज हिंदू संतों और धर्माचार्यों का अपमान कर रही है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है और वे पिछले 36 घंटे से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उनसे बातचीत का कोई प्रयास नहीं किया गया है।
शंकराचार्य का अपमान, पूरे सनातन धर्म का अपमान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि शंकराचार्य का अपमान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म और उसकी परंपराओं का अपमान है। भाजपा सरकार ने अपनी कार्यशैली से हिंदू समाज की आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
40 वर्षों की अखंड परंपरा को पहली बार तोड़ा गया
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं। मौनी अमावस्या का शाही स्नान एक पवित्र और सदियों पुरानी अखंड परंपरा है, जिसे पहली बार किसी सरकार द्वारा रोका गया है। यह भाजपा सरकार की सनातन विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
भाजपा शासन में संतों के साथ दुर्व्यवहार
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा पिछले 12 वर्षों से केंद्र में सत्ता में रहते हुए हिंदुओं के नाम पर राजनीति करती रही है, लेकिन आज वही सरकार शंकराचार्य एवं उनके समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है। शंकराचार्य के शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटना अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है।
न मुगलों ने रोका, न अंग्रेजों ने—भाजपा ने तोड़ी परंपरा
चंद्रेश हिरवानी ने सवाल उठाया कि शाही स्नान जैसी सदियों पुरानी परंपरा को रोकने का दुस्साहस किसी सरकार को कैसे हुआ, जबकि इस परंपरा को न तो मुगलों ने रोका था और न ही अंग्रेजों ने।
जेड-प्लस सुरक्षा किसे, संतों को अपमान क्यों?
उन्होंने कहा कि एक ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जेड-प्लस सुरक्षा दी जाती है, वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य के समर्थकों के साथ मारपीट की जाती है और शंकराचार्य को उनकी पालकी तक जाने की अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने तीखा सवाल किया कि क्या मोहन भागवत, शंकराचार्य से बड़े हो गए हैं?
सवाल उठाने की सजा दे रही है भाजपा सरकार
जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपराध केवल इतना है कि वे सरकार की कमियों पर सवाल उठाते हैं, अयोध्या में आधे-अधूरे राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पर आपत्ति जताते हैं, महाकुंभ की अव्यवस्थाओं और कोविड काल में गंगा में तैरती लाशों जैसे गंभीर मुद्दों को सामने रखते हैं। इसी कारण भाजपा सरकार उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने पर आमादा है।

You cannot copy content of this page