30 जनवरी से 1 फरवरी तक हरिकीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पंडवानी व विशाल मेला होंगे आकर्षण
बालोद। तहसील अर्जुन्दा अंतर्गत ग्राम चौरेल स्थित श्री गौरेया सिद्ध शक्तिपीठ में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी माघी पुन्नी मेला महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक मेला 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) से 01 फरवरी 2026 (रविवार) तक श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न होगा। भगवान शिवशंकर की असीम कृपा से लगभग 1100 वर्ष प्राचीन ऐतिहासिक तीर्थ एवं पर्यटन स्थल श्री गौरेया धाम, चौरेल में आयोजित इस महोत्सव के दौरान श्रद्धालु तांदुला नदी के पवित्र संगम में स्नान कर दर्शन-पूजन का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रमों की रूपरेखा
मेला महोत्सव के अंतर्गत 30 एवं 31 जनवरी 2026 को दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक प्रसिद्ध संत श्री टीकम शरण महाराज जी (शिरकट्टी धाम हरदी, जिला गरियाबंद) द्वारा हरिकीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
31 जनवरी 2026, शनिवार की रात्रि 10 बजे से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें महातारी के कोरा, लोक कला मंच देसरगांव एवं साजा–बेमेतरा के कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे।
वहीं 01 फरवरी 2026, रविवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक सुप्रसिद्ध जय सरस्वती पंडवानी पार्टी, मोहंदी (खुर्सीपार) द्वारा पंडवानी की भव्य प्रस्तुति दी जाएगी। इसी दिन रूद्राभिषेक, शाही स्नान एवं विशाल मेला मंडई का आयोजन भी होगा।
मेले के विशेष आकर्षण
माघी पुन्नी मेला महोत्सव में हवाई झूला, ड्रैगन, ब्रेक डांस, छोटे-छोटे ट्रेन, मीना बाजार सहित विभिन्न मनोरंजन साधन आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यह आयोजन न्यास श्री गौरेया सिद्ध शक्तिपीठ एवं समस्त ग्रामवासी चौरेल के तत्वावधान में संपन्न होगा, जबकि कार्यक्रम को संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर का सौजन्य प्राप्त है। मेला महोत्सव को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
