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पर्रेगुड़ा–नारागांव में पागल कुत्ते का आतंक समाप्त, ग्रामीणों ने जान बचाने के लिए कुत्ते को मार डाला

बालोद। पर्रेगुड़ा और नारागांव क्षेत्र में पिछले दो दिनों से पागल कुत्ते ने दहशत फैलाकर लगभग 20 से अधिक लोगों को घायल किया। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता ने ग्रामीणों में गहरा आक्रोश पैदा किया।
ताजा घटना 15 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 1 से 2 बजे ग्राम पर्रेगुड़ा में हुई, जब जंगल में लकड़ी लेने गई महिला पर कुत्ते ने हमला कर दिया। महिला को गंभीर चोटें आईं और उसे प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

घटना के बाद वही कुत्ता शाम को नारागांव क्षेत्र में देखा गया। ग्रामीणों ने उसे घेर कर दौड़ाया, लेकिन कुत्ता कई घंटे तक बचता रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह वही कुत्ता है, जिसने पिछले दो दिनों में दर्जनों लोगों को काटा और घायल किया।

जनपद सदस्य लोकेश डड़सेना ने कहा कि यदि शासन–प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता, तो ग्रामीणों को कुत्ते को मारने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे आवारा और पागल कुत्तों की नसबंदी और निगरानी की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए तथा सभी घायलों को निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

करहीभदर नवयुवक मण्डल अध्यक्ष मिथलेश तारम, मुजगहन के खिलेंद्र पटेल, ओम प्रकाश ठाकुर और संजय सिन्हा (ग्राम विकास समिति सांकरा) ने बताया कि बीते दो दिनों तक गांव वासियों की जिंदगी दहशत में रही। बच्चे और बुजुर्ग भी सुरक्षित नहीं थे, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अपनी और बच्चों की सुरक्षा के लिए खुद ही कुत्ते को मारना पड़ा।

आखिरकार, गुरुवार की रात को ग्रामीणों ने पागल कुत्ते को मार डाला, जिससे सिया देवी पर्यटन क्षेत्र सहित पूरे गांव में भय का माहौल समाप्त हुआ। ग्रामीण अब प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

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