बालोद के सेंट कबीर्स पब्लिक स्कूल में अंग्रेजी भाषा पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन



बालोद: इंग्लिश लैंग्वेज टीचर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया राजनांदगांव चैप्टर एवं नोवेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन (एन टी सी एफ) बालोद के संयुक्त तत्वाधान में सेंट कबीर्स पब्लिक स्कूल में अंग्रेजी विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इमर्जिंग ट्रेंड्स इन टीचिंग एंड लर्निंग इंग्लिश लेंग्वेज विषय पर आधारित इस कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों के शिक्षकों एवं विषय विशेषज्ञों ने अपनी सहभागिता प्रदान की। इस कार्यशाला में राजनांदगांव, रायपुर, खैरागढ़, मोहला, भिलाई, कोंडागांव, बलौदा बाजार एवं बालोद के 50 से भी अधिक शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिए। इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि बालोद के जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी ने कार्यशाला में शरीक होकर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। मुख्य अतिथि के आसंदी से श्रीमती तिवारी ने शिक्षक समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अंग्रेजी भाषा टीचर्स डेवलपमेंट में की लेंग्वेज की भूमिका निभा रही है।ऐसे में हमें इस विषय में लगातार अपडेट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने इस विषय पर हर संभव शिक्षकों को सहयोग देने की बात कही। कार्यशाला में विभिन्न जिलों से आए हुए भाषा विशेषज्ञों ने अंग्रेजी भाषा को जानने एवं समझने हेतु अपने बहुमूल्य विचार प्रस्तुत किए। बालोद जिले की ओर से कार्यक्रम के संरक्षक एवं अंग्रेजी भाषा के विषय विशेषज्ञ श्री अरुण साहू ने प्रोफेशनल डेवलपमेंट ऑफ टीचर्स पर अपना सारगर्भित व्याख्यान और कार्यशाला प्रस्तुत किए। श्री साहू जी ने बताया कि शिक्षकों को समय समय पर अपने विषय की जानकारी हेतु खुद को अपडेट करना जरूरी है। वर्तमान समय में अंग्रेजी की महत्ता को देखते हुए इस तरह के कार्यक्रमों की आवश्यकता पर उन्होंने बल दिया। अपने व्याख्यान में उन्होंने, सी पी डी, गाइडेड डिस्कवरी, टास्क बेस्ड लर्निंग, पी पी पी, सी एल आई एल, एप्रोच टेक्निक्स एवं मैथड्स पर चर्चा किए। कोंडागांव से पधारी श्रीमती सुशीला शर्मा ने द रोल ऑफ इंग्लिश इन रूरल एरिया पर अपना सारगर्भित सारगर्भित शोध पत्र प्रस्तुत किये। इस शोध पत्र में उन्होंने ग्रामीण परिवेश में अंग्रेजी भाषा को छात्राओं को आसानी से सीखने सिखाने के तरीकों पर जोर दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को अंग्रेजी सीखने के लिए प्रेरित किये ताकि दुरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले छात्र छात्राएं छत्तीसगढ़ की पर्यटन स्थल, पुरातात्त्विक धरोहर, ऐतेहासिक स्मारक के बारे में जानकारी दे सके। चेयर पर्सन और उपस्थित विद्वानों ने ने इनके शोध पत्र की सराहना की। इसी पेपर प्रेसेंटेशन के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अनंतपुर के छात्राओं प्रेरना मानकर , रेशमा मंडावी कुंती पोयाम, ममिता पोयाम,पूजा अग्रवाल , और प्रज्ञा ने “वर्ड गेम, अंग्रेजी वाक्य फ्रेमिंग , मैप के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थल को अंग्रेजी भाषा में रोल प्ले कर कार्यशाला में उपस्थित विद्वानों को अपने ओर आकर्षित किये। कार्यशाला के प्लेनरी सत्र में श्री धनेश सिन्हा (प्रेसीडेंट एलटाई), श्री मोहन लाल बोगा और श्री ईश्वरी सिन्हा ने प्रोफेशनल डेवलपमेंट की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए छात्र छात्राओं और शोधार्थियों के सवालों से रूबरू हुए। एक प्रश्न के जवाब में कोंडागांव जिले के अंग्रेजी भाषा के विषय विशेषज्ञ श्री मोहन लाल ने शिक्षकों को बताया कि शिक्षकों को अपने सीपीडी (कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट)पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बिना प्रोफेशनल डेवलपमेंट के धीरे धीरे हम फ्यूचर कॉन्वलेज के ट्रैक से हम आउट डेटेड हो जाएंगे।उन्होंने शिक्षकों को एकजुट होकर कार्य करने की बात को रेखांकित किया। राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित शिक्षक श्री ईश्वरी कुमार सिन्हा ने बताया कि शिक्षक गण अपने विद्यार्थियों का रोल मॉडल होता है। इस हेतु शिक्षकों को चाहिए कि वे अनवरत अपने ज्ञान के क्षेत्र में विस्तार करता रहें और विद्यार्थियों को भी इसके लिए प्रेरित करते रहें। अर्जुंदा सेजेस से पधारी श्रीमती नीलम कौर ने इंग्लिश लेंग्वेज टीचिंग को विद्यार्थियों के कैपिसिटी एवं ऑब्जर्विंग पावर से जोड़कर विद्यार्थियों की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने इस संदर्भ में अपने सकारात्मक विचार प्रस्तुत किए। कार्यशाला में श्री रोमलाल चंद्राकर, श्री झामेश्वर प्रसाद साहू, श्री ख़ुमेश चंद्रवंशी, कु ममता नेताम, श्री खिलेश्वर यादव ने भी अपने शोध पत्र पढ़ें। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों से शिक्षक और छात्र छात्राएं शामिल हुए। इनमें श्री कौशल राम चंद्रवंशी, श्रीमती नीलम कौर, श्रीमती किरण शर्मा, श्रीमती अन्नपूर्णा शर्मा, (प्राचार्य सेंट कबीर्स पब्लिक स्कूल बालोद), श्री मदन मोहन खटवा (प्राचार्य संस्कार शाला बालोद), श्री रोमलाल चंद्राकर, श्री नरोत्तम उर्वाशा, श्री हेमराज सहारे, श्रीमती ममता विश्वकर्मा, श्री पवन हेतगडे, श्री रविशंकर चंद्राकर, श्रीमती पुष्पा सिन्हा, श्री टिकेश्वर सिन्हा, श्री झामेश्वर प्रसाद साहू, श्री ख़ुमेश चंद्रवंशी, कु.ममता नेताम, श्री खिलेश्वर यादव, श्री धरम सिन्हा, कु. काव्या शिखा सिन्हा आदि प्रमुख थे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती किरण बाला ने किया।

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