बालोद। गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम सिर्राभांठा के रहने वाले समाजसेवी राजेश सिन्हा को मानस नवरत्न विभूति अलंकरण समारोह के अंतर्गत बंशीलाल भारद्वाज शिक्षा गौरव अलंकरण दिया गया है। यह उपलब्धि उन्हें शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के कारण हासिल हुआ है। इस अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से अलग-अलग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे नौ लोगों को चयनित करके सम्मानित किया गया। श्री तुलसी प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष बालोद जिले के ही जगदीश देशमुख है। जिनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में यह संपूर्ण आयोजन हुआ। आयोजन में, संत बिरेंद्र देशमुख, पूर्व सांसद मोहन मंडावी सहित अन्य अतिथि गण पहुंचे हुए थे। ज्ञात हो कि समाज सेवी राजेश सिन्हा के द्वारा लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए बालोद जिला को प्लास्टिक मुक्त जिला बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत अब तक 43 गांव को अपनी ओर से निशुल्क 200 थाली गिलास का सेट प्रदान कर चुके हैं। उनका कहना है कि स्वयं से शुरुआत करते हुए समाज में बदलाव ला सकते हैं। अपने गांव में भी इस पहल को बखूबी अपना चुके हैं। कोई भी सार्वजनिक आयोजन होता है तो उनके घर से लोग थाली गिलास लेकर जाते हैं और उपयोग के बाद वापस साफ करके दे देते हैं। इस मुहिम को वे पूरे बालोद जिले के 707 गांव तक पहुंचाना चाह रहे हैं और निरंतर इसके लिए प्रयासरत हैं। आयोजन के दौरान अतिथि के रूप में पहुंचे बालोद जिले के ही संत और समाजसेवी बिरेंद्र देशमुख ने उन्हें हार पहना कर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह पूरा आयोजन मानपुर मोहला अंबागढ़ चौकी जिला अंतर्गत ग्राम मरार टोला (गोटाटोला) में 2 जनवरी शुक्रवार को रखा गया था। आयोजन में श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़ के प्रांतीय अध्यक्ष जगदीश देशमुख के अलावा पूर्व सांसद और संरक्षक मोहन मंडावी, प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। राजेश सिन्हा को सम्मानित करते हुए उनके बारे में लोगों को बताया गया कि 43 वर्षीय युवा चिंतक राजेश से एक संकल्पवान व्यक्तित्व के हैं। वे अपनी कमाई का 25% हिस्सा जन कल्याणकारी कार्यक्रम समर्पित करने का भाव रखते हैं और उन्हें दूषित पर्यावरण पर गंभीर चिंता है। उसे दूर करने के लिए वे प्लास्टिक मुक्त अभियान चला रहे हैं। उनके द्वारा अन्य समाज सेवा के कार्यों में मानस सत्संग का आयोजन, स्कूल आहता निर्माण, घाट चबूतरा निर्माण, मृतक संस्कार में तात्कालिक सहायता राशि और निर्धन छात्रों की मदद करना आदि अनेक परोपकार के आयाम उनकी दानशीलता के प्रमाण हैं। ऐसे रामत्व बोधी युवक को नक्सल प्रभावित बच्चों की मसीहा कहे जाने वाले गुरुजी श्री बंशीलाल भारद्वाज स्मृति अलंकरण प्रदान कर तुलसी मानस प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़ हर्षित है।
समाजसेवी राजेश सिन्हा को मिला बंशीलाल भारद्वाज शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए हुए सम्मानित
