बालोद। वनांचल क्षेत्र में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किल्लेकोडा में पदस्थ डॉक्टर बी .एल. साहसी (व्याख्याता) को श्री मौन तीर्थ हिंदी विद्यापीठ उज्जैन (मध्य प्रदेश) ब्रह्म लीन मौनी बाबा के 116 ब्रह्म पर्व के अवसर पर आयोजित पांचवा राष्ट्रीय अधिवेशन अंतर्गत शाश्वत सम्मान समारोह 2025 में उनके द्वारा उत्कृष्ट कार्य नवाचार एवं उल्लेखनीय सेवाओं के लिए शिक्षा शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ज्ञात हो कि इस कार्यक्रम का आयोजन श्री मौन तीर्थ हिंदी विद्यापीठ उज्जैन मध्य प्रदेश ,एम डी एजुकेशन सोसाइटी सरायपाली छत्तीसगढ़, व कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय शैक्षिक संगोष्ठी सह सम्मान कार्यक्रम पी. आर. वासुदेवन “शेष ‘सेवा निवृत वरिष्ठ हिंदी अधिकारी (भारत सरकार) चेन्नई ,(तमिलनाडु) के मुख्य अतिथि, डॉक्टर नंदलाल मणि त्रिपाठी “पीतांबर’ ज्योतिष व धर्मशास्त्र के समसामयिक लेखक गोरखपुर (उत्तर प्रदेश )की अध्यक्षता में ,डॉक्टर संदीप गांधी कुल सचिव कलिंगा विश्वविद्यालय नया रायपुर (छत्तीसगढ़ ),अमित पुरोहित मौन तीर्थ पीठ के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर 13 राज्यों के शिक्षकों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की विशेष भूमिका पर आधारित दो दिवसिय कार्यशाला के दौरान अपने शोध आलेख प्रस्तुत किया गया।कार्यशाला के प्रथम दिवस में शिक्षण कार्य ,कुशल प्रबंधन योजना निर्माण, शिक्षा सुविधा, नेतृत्व, नियंत्रण के साथ एक सुविधा दाता के रूप में एक अच्छे शिक्षक के कर्तव्य व उत्तरदायित्व का निर्वहन किस प्रकार किया जाए विषय पर चर्चा किया गया कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया जिसमें श्री श्री 1008 सुमनानंदजी महाराज ,डॉ पी .आर .वासुदेवन “शेष’ मुख्य अतिथि ,नंदलाल त्रिपाठी ‘पीतांबर’ गोरखपुर ,कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ संजीव गांधी तथा एच डी एजुकेशन सोसाइटी सरायपाली के डॉक्टर अनिल प्रधान की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुई। इसमें 13 राज्यों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया ज्ञात हो कि- बालोद जिले के शिक्षक जिसमें डॉक्टर बी .एल. साहसी (व्याख्याता) जिसने बालोद जिला का नेतृत्व किया को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए “शिक्षा शिरोमणि “देकर सम्मानित किया गया। इसके पूर्व अब तक डा. साहसी 11 पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं। जिनमें शिक्षा रत्न -2023, राज्यपाल पुरस्कार -2024 तथा कलिंगा यूनिवर्सिटी 2025 आदि रहा है। वर्तमान में डॉक्टर साहसी को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया ,जो वालोद जिला, डौंडी लोहारा ब्लॉक तथा वनांचल क्षेत्र में पदस्थ पाठशाला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किल्लेकोडा के लिए एक गौरव का विषय है ।उक्त कार्य के लिए उनके पूरे परिवार तथा शाला स्टाफ की ओर से प्राचार्य ,शिक्षकों एवं मित्रों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए, ढेर सारी शुभकामनाएं प्रेषित किए हैं।
डॉ बीएल साहसी को उज्जैन में मिला शिक्षा शिरोमणि पुरस्कार
