बालोद – स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यमिक विद्यालय बालोद में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा संविधान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का थीम “हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान” विषय पर छात्र-छात्राओं ने कविता,गीत एवं भाषण की प्रस्तुति दी।

प्राचार्य अरुण कुमार साहू ने संविधान की प्रस्तावना के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रस्तावना हमारे देश के संविधान की आत्मा है जो मूल सिद्धांतों और मानव जीवन के मूल्यों को प्रदर्शित करती है। देश के सभी नागरिकों में सौहार्द्रता की भावना विकसित करना एवं उन्हें विचार, अभिव्यक्ति , धर्म एवं उपासना की स्वतंत्रता का अधिकार देना है। संविधान हमें एक सच्चे ,सभ्य एवं शिष्ट नागरिक की तरह व्यवहार करना सिखाती है । तत्पश्चात भारत के संविधान की उद्देशिका का वाचन एवं शपथ कराया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी हरिशचंद पटेल ने भारत के संविधान के बारे में प्रश्नोत्तरी करते हुए कहा कि संविधान एक लिखित दस्तावेज होता है जो सरकार की संरचना शक्तियों और दायित्व का बोध कराता है तथा नागरिकों को समुचित अधिकार एवं कर्तव्य प्रदान करता है। छात्रा प्रतिनिधि माधुरी साहू ने भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना पहली बार 26 नवंबर 1949 को प्रस्तुत किया गया तथा 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। जिसे पूर्ण करने में 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन का समय लगा था। स्टाफ के शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा संविधान की प्रस्तावना का शपथ लिया गया।

