बालोद। बालोद शहर के एकमात्र CBSE स्कूल अरिहंत एकेडमी एवं बालोद शहर के लिए यह गर्व का पल है कि उसके विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की चित्रकला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट भागीदारी दर्ज की। इस भागीदारी के लिए संस्था को एक प्रमाण पत्र भी मिल गया है जिसे स्थानी जज द्वारा सौंपते हुए संबंधित बच्चों, स्टाफ और प्रबंधन को सम्मानित किया गया। सम्मान कार्यक्रम श्री श्यामलाल नवरत्न, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालोद, श्री संजय कुमार सोनी, न्यायिक मजिस्ट्रेट, बालोद और सुश्री भारती कुलदीप, सचिव, डीएसएल बालोद की विशेष उपस्थिति में हुआ।
इस तरह से जिले से राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची अरिहंत एकेडमी की पेंटिंग
विद्यार्थियों की पेंटिंग का चयन एक विशेष यात्रा के माध्यम से हुआ।सबसे पहले जिला न्यायालय द्वारा जिला स्तर पर चयन, फिर राज्य न्यायालयों और उच्च न्यायालय द्वारा चयन, और अंत में केंद्रीय स्तर पर सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली तक पहुंचा। उनकी कला को NALSA, नई दिल्ली में प्रदर्शित किया गया, जो विद्यालय के लिए अत्यंत गर्व का क्षण रहा।
इन बच्चों को किया गया पुरस्कृत

जिन बच्चों को पुरस्कार से गौरवान्वित किया गया उनमें कक्षा 12वीं की दीक्षा जैन और ललक जैन शामिल हैं। साथ ही, आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षक श्री चैतन्य कुमार साहू को भी उत्कृष्ट मार्गदर्शन के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रदीप जैन, डायरेक्टर श्री दानमल जैन, प्रिंसिपल श्री आलोक कुमार श्रीवास्तव तथा सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रशंसा पुरस्कार प्राप्त किए और पूरे बालोद जिले में अरिहंत एकेडमी का नाम रोशन किया। अरिहंत एकेडमी ने सभी प्रतिभागियों को उनकी रचनात्मकता, मेहनत और उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देती है तथा प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
न्याय से वंचित लोगों की थीम पर आधारित थी पेंटिंग
अरिहंत एकेडमी के बच्चों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग में नालसा के लीगल एड को ध्यान को रखते हुए न्याय से वंचित लोगों पर आधारित पेंटिंग तैयार की गई थी। जिसमें HER Rights HER Justice लिखा हुआ था। न्याय की देवी को तिरंगे की साड़ी में दिखाया गया था। उसका हक उसकी ताकत, समानता से सम्मान का संदेश भी दिया गया था। इस पेंटिंग को जिला स्तर पर काफी सराहना मिली। फिर इस पेंटिंग को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु हाई कोर्ट भेजा गया। जहां से वह सेलेक्ट होकर सुप्रीम कोर्ट यानि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी यह पेंटिंग सम्मिलित हुई।
