बालोद। केन्द्र सरकार की बहुप्रतीक्षित योजना पीएम सुर्यघर योजना जिसकी चर्चा पूरे देश में चल रही है लेकिन हकीकत से परे बिजली विभाग जिनको अभी तक इस योजना का कैसे संचालन करना है आज तक पता नहीं है और सुर्यघर योजना में लाभान्वितों को और ही परेशान करने पर तुला है। ताज़ा मामला सब डिवीजन बालोद के अंतर्गत झलमला निवासी पेशे से शिक्षक खिलानंद साहू के झलमला स्थित निवास का है। खिलानंद साहू ने बताया कि पहले मेरे घर में 1000-1200 बिजली का बिल आता था जो मुझे बहुत ज्यादा लगता था, इसी दौरान मुझे मेरे एक परिचित ने बताया कि आप पीएम सुर्यघर योजना का लाभ लेकर सोलर सिस्टम लगवा लें। जिससे बिजली बिल कम आएगा और खपत कम रही तो बिजली बिल नहीं भी आएगा। ऐसा सुनकर मैंने भी पीएम सुर्यघर योजना में आवेदन कर दिया तथा मई महीने में मेरे घर में सोलर सिस्टम लगा तथा कुछ दिनों बाद केंद्र सरकार की सब्सिडी भी मिल गई।

लेकिन अभी एक सप्ताह पहले ही आनलाइन बिजली बिल 7080 मोबाइल पर आया है। जिसका निराकरण करवाने के लिए आवेदन भी दिया गया तथा बिजली विभाग से संपर्क करने पर गोलमोल जवाब दिया गया। खिलानंद साहू ने बताया कि जून माह से लगाए गए सोलर सिस्टम के द्वारा अभी तक 1598 यूनिट बिजली बनाई गई है तथा अभी तक खपत मात्र 1585 यूनिट हुआ है। इस हिसाब से मेरा अभी भी 13 यूनिट बिजली जमा है फिर किस प्रकार मुझे 7080 रू का बिजली बिल आया है यह समझ के परे है। पुनः प्रयास करने पर बिजली विभाग में बिल को कम करके 6050 रु का बिजली बिल भेजा गया और इसे पटाना ही पड़ेगा कहा गया है।खिलानंद साहू का कहना है कि लोग बढ़े हुए बिजली बिल से वैसे ही परेशान हैं। जिन घरों में 1000 रु बिजली बिल आता था वहां 2000-2500 रु बिजली बिल आ रहा है। इससे बचने के लिए लोन लेकर लोग सुर्यघर योजना के द्वारा सोलर सिस्टम लगवा कर इस भारी भरकर बिजली बिल से निजात पाने की सोंच रहे थे, लेकिन इस तरह सोलर सिस्टम लगाने के बाद भी भारी भरकम बिजली बिल आएगा तो केन्द्र सरकार की यह योजना खटाई में पड़ जायेगी,उसका जवाबदार कौन होगा?

शिक्षक श्री साहू ने बिजली विभाग व संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है कि सुर्यघर योजना में ग्रहण न लगाएं, लोगों को प्रेरित करें परेशान नहीं। तथा बिजली विभाग इस योजना को अच्छे से समझे व सोंच समझकर रीडिंग करने के पश्चात ही बिल भेंजे, जिससे किसी भी व्यक्ति को आने वाले समय में समस्याओं का सामना ना करना पड़े।
